Lifestyles: बार-बार गुस्सा करना सिर्फ रिश्तों के लिए ही नहीं, बल्कि दिल की सेहत के लिए भी खतरनाक हो सकता है। हाल ही में European Heart Journal में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया है कि तीव्र गुस्से के बाद अगले दो घंटों में हार्ट अटैक का खतरा लगभग पांच गुना तक बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों को पहले से कोई हृदय रोग नहीं है, उनमें भी लगातार गुस्सा करने की आदत जोखिम बढ़ा सकती है।
गुस्से में शरीर में क्या होता है?
डॉक्टरों के मुताबिक गुस्सा आने पर शरीर ‘फाइट ऑर फ्लाइट’ मोड में चला जाता है। इस दौरान:
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ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है
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हार्ट रेट तेज हो जाती है
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एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन अधिक मात्रा में निकलते हैं
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ब्लड वेसल्स (रक्त नलिकाएं) सिकुड़ जाती हैं
इन बदलावों से हृदय की धमनियों (आर्टरीज़) पर दबाव बढ़ता है। यदि किसी व्यक्ति की धमनियों में पहले से फैट जमा है, तो हार्ट अटैक की आशंका और अधिक हो सकती है। लगातार गुस्से में रहने से शरीर में सूजन (इन्फ्लेमेशन) का स्तर भी बढ़ता है, जो हृदय रोगों के खतरे को बढ़ावा देता है।
कैसे करें बचाव?
विशेषज्ञों के अनुसार गुस्से पर नियंत्रण रखना दिल को स्वस्थ रखने के लिए बेहद जरूरी है। इसके लिए:
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नियमित योग और ध्यान करें
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रोजाना एक्सरसाइज को दिनचर्या में शामिल करें
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गहरी सांस लेने और छोड़ने की ब्रीदिंग एक्सरसाइज अपनाएं
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तनावपूर्ण स्थितियों में प्रतिक्रिया देने से पहले खुद को शांत करने की कोशिश करें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि भावनाओं पर नियंत्रण और संतुलित जीवनशैली अपनाकर हार्ट अटैक के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
Author: Deepak Mittal










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