शैलेश शर्मा 9406308437नवभारत टाइम्स 24×7.in जिला ब्यूरो रायगढ़
रायगढ़। जिले के धरमजयगढ़ में प्रशासनिक तानाशाही और भ्रष्टाचार की एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत चिडाडीह व आश्रित ग्राम भालूपखना की सरपंच सेबेस्तियानी कुजूर के पति खेमसागर यादव को नायब तहसीलदार उज्ज्वल पांडेय ने न केवल फोन पर भद्दी-भद्दी गालियां दीं, बल्कि उन्हें सरपंच पद से हटाने और जेल भेजने तक की धमकी दी!
कैसे हुई पूरी घटना? : 2 अप्रैल 2025 की दोपहर करीब 3:30 बजे खेमसागर यादव अपनी पत्नी के साथ सरकारी कार्य से धरमजयगढ़ से घर लौट रहे थे। जब वे ग्राम तेजपुर के पास पहुंचे, तब हल्का नंबर 30 के पटवारी अरविंद केरकेट्टा ने फोन कर नायब तहसीलदार उज्ज्वल पांडेय से बात कराई।
इसके बाद जो हुआ, वह प्रशासनिक शक्ति के दुरुपयोग की हदें पार कर गया! तहसीलदार उज्ज्वल पांडेय ने सीधे-सीधे धमकाते हुए कहा, “तुम कौन होते हो धनबाडा कंपनी को बंद कराने वाले? मैं तहसीलदार हूं, कुछ भी कर सकता हूं! तुम्हें तुम्हारे सरपंच पद से तुरंत हटवा दूंगा। तुम मुझे जानते नहीं हो, मेरे खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत मत करना! तुम्हें जेल भिजवा दूंगा!”
गालियां और धमकी से सहमे सरपंच पति : खेमसागर यादव और उनकी पत्नी ने जब यह सब सुना तो वे स्तब्ध रह गए! तहसीलदार द्वारा खुलेआम दी गई गालियों और धमकियों से वे खुद को बेहद अपमानित और असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस से कार्रवाई की मांग : खेमसागर यादव ने चौकी रैरूमाखुर्द में तहसीलदार उज्ज्वल पांडेय के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासनिक गुंडागर्दी या सत्ता का अहंकार? : अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन के ये अधिकारी कानून से ऊपर हैं? क्या एक तहसीलदार को किसी जनप्रतिनिधि को इस तरह खुलेआम धमकाने और गालियां देने का अधिकार मिल गया है?
अगर इस घटना पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो यह दर्शाएगा कि आम जनता और जनप्रतिनिधि अब प्रशासन के अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने से भी डरेंगे। धरमजयगढ़ के नागरिकों और मीडिया जगत की नजरें अब इस मामले पर टिकी हुई हैं-देखना होगा कि क्या कानून अपना काम करता है या फिर एक और मामला सत्ता के प्रभाव में दफन हो जाएगा!!
