शैलेश शर्मा 9406308437नवभारत टाइम्स 24×7.in जिला ब्यूरो रायगढ़
रायगढ़। “जनता का पैसा लुटा, सिस्टम बना मौन, RTI और मीडिया ने बजा दी भ्रष्टाचार की घंटी!” ग्राम पंचायत बरकसपाली में हुए वित्तीय घोटाले ने पूरे जनपद पंचायत तमनार के गलियारों में भूचाल ला दिया है। 15वें वित्त आयोग और अन्य मदों में की गई धांधली अब कोई अफवाह नहीं – यह अब सरकारी जांच के दायरे में है।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी और स्थानीय समाचार पत्रों की गंभीर रिपोर्टिंग ने बेजान फाइलों में आग लगा दी। अब मामला इतना गंभीर हो गया है कि प्रशासन को आपात जांच आदेश जारी करना पड़ा।
“घोटाले की गूंज – जांच की गूंजायमान धमक” :दिनांक 29 जुलाई 2025 को जारी आदेश /के अनुसार, जनपद पंचायत तमनार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तीन सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन कर दिया है। इस टीम को तीन दिन के भीतर सच सामने लाना होगा, वरना प्रशासन पर भरोसे की अंतिम ईंट भी गिर जाएगी।
जांच टीम का “तीर” किन पर चलेगा? –
1 ऋषिकेश पटेल वरिष्ठ सहायक व लेखापाल अधिकारी, जनपद पंचायत तमनार प्रभारी अधिकारी
2 आनंद राम पटेल पंचायत एवं समाज शिक्षा संगठक सहायक सदस्य
3 संतोष कुमार निषाद उप अभियंता सहायक सदस्य
इन तीनों पर अब जनता की नज़र है — क्या ये जांच को निष्पक्ष अंजाम देंगे या फिर यह भी “फ़ाइलों में दफ़न” कर दी जाएगी?
धांधली की डिटेल – “कागज़ पर सड़कें, हकीकत में दलदल” जानकारी के अनुसार:
फ़र्ज़ी मस्टर रोल
बिना निर्माण के भुगतान
निजी दुकानों को मनमानी भुगतान
पंचायत प्रतिनिधियों की सांठगांठ
और RTI के जवाबों में झूठ और गोलमोल बयानबाज़ी
क्या दोषियों के खिलाफ FIR होगी?
क्या बरकसपाली का सचिव और सरपंच निलंबित होंगे?
क्या सरकारी पैसे की रिकवरी होगी?
क्या ये कार्रवाई एक नजीर बनेगी या फिर रफ़ा-दफ़ा?
✊
Author: Deepak Mittal










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