Constitution Day Celebrations:संविधान दिवस के मौके पर आज देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मौके पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना संविधान को कई सदियों तक जीवंत रखेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में पहली बार संविधान दिवस मनाया गया है। उन्होंने संविधान को मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि इसी ने हमें उचित मार्ग दिखाया है। पीएम ने कहा कि संविधान हमारी हर जरूरत और अपेक्षा पर खरा उतरा है, यह हमारा मार्गदर्शक है।
इस मौके पर मुख्य न्यायाधीश CJI संजीव खन्ना ने संविधान से मिली शक्तियों का विवरण देते हुए कहा कि संविधान न्यायालयों को न्यायिक समीक्षा का अधिकार देता है। हम जनहित याचिकाओं पर विचार करते हैं और किसी भी मामले में स्वत: संज्ञान ले सकते हैं। इसके अलावा किसी भी मामले में फैसला करने में मदद के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त कर सकते हैं। न्यायाधीशों के रूप में हम मामलों पर नज़र रखते हैं और उनकी आलोचना करते हैं। मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह हमारी संविधान की खूबसूरती और ताकत है कि हम बसे ज्यादा खुले और पारदर्शी हैं। उन्होंने कहा कि संविधान रचनात्मक तरीके से काम करने के लिए उत्तरदायी होने से ज़्यादा जवाबदेह बनाता है।
कार्यक्रम के दौरान CJI संजीव खन्ना ने प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी को एक उपहार भी भेंट किया, जो एक खूबसूरत पेंटिंग थी। इस पेंटिंग को तिहाड़ जेल में बंद एक कैदी ने बनाया था। जब CJI ने PM मोदी को यह पेंटिंग दी तो वह काफी देर तक उसे निहारते रहे। इस दौरान उनके सहयोगी उसे लेने को आगे बढ़े लेकिन पीएम उसे अपने हाथ में थाम उसे निहारते रहे।
बता दें कि मोदी सरकार ने वर्ष 2015 में 26 नवम्बर को हर वर्ष संविधान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की थी। दरअसल, 26 नवंबर 1949 को भारत का संविधान अंगीकार किया गया था, जबकि, 26 जनवरी 1950 को इसे लागू किया गया था। उसी उपलक्ष्य में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाने के परंपरा शुरू हुई है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज (26 नवंबर, 2024) संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करने के साथ भारत के संविधान को अपनाने की 75वीं वर्षगांठ पर समारोह की शुरुआत की।

Author: Deepak Mittal










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