नेशनल हेराल्ड FIR पर कांग्रेस का विरोध, रायपुर में ED कार्यालय घेराव और उग्र प्रदर्शन

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रायपुर। नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज होने के बाद देशभर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का विरोध जारी है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ईडी कार्यालय का घेराव किया और केंद्र सरकार व ईडी के खिलाफ पुतला फूंका। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने 30 नवंबर को सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। इसमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और विश्वासघात जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। FIR संख्या 0124/2025 के तहत कुल नौ आरोपी बनाए गए हैं, जिनमें छह व्यक्ति और तीन कंपनियां शामिल हैं।

एफआईआर के अनुसार, कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की लगभग 2,000 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों पर कथित रूप से धोखाधड़ी कर 50 लाख रुपए में कब्जा करने की साजिश रची गई। ED ने यंग इंडियन कंपनी को “स्पेशल पर्पस व्हीकल” के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया, जिससे सार्वजनिक धन का निजी लाभ में बदलने का कथित प्रयास किया गया। इसके अलावा, कोलकाता की कथित शेल कंपनी डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपए ट्रांसफर करना संदिग्ध लेनदेन बताया गया है।

नई FIR में सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और सुनील भंडारी के नाम शामिल हैं, जबकि यंग इंडियन, डॉटेक्स मर्चेंडाइज और AJL के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पूर्व कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडिस की जांच में नाम आया था, लेकिन उनकी मृत्यु के कारण उन्हें आरोपी सूची में नहीं डाला गया।

नेशनल हेराल्ड मामला क्या है?
नेशनल हेराल्ड 1938 में जवाहरलाल नेहरू द्वारा स्थापित राष्ट्रवादी अखबार था। इसका संचालन AJL कंपनी करती थी। 1942 में ब्रिटिश सरकार ने इसे बंद कर दिया था, लेकिन 3 साल बाद फिर से शुरू हुआ। 2008 में आर्थिक संकट के कारण इसका प्रकाशन बंद हो गया। AJL पर एआईसीसी का 90.21 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण बकाया था, जिसे 2010 में गठित यंग इंडियन कंपनी ने 50 लाख रुपए में खरीद लिया। यंग इंडियन में सोनिया और राहुल गांधी की संयुक्त हिस्सेदारी 76% है। विवाद तब बढ़ा जब 2012 में बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दोनों नेताओं पर विश्वासघात और धोखाधड़ी का आरोप लगाया।

रायपुर सहित कई शहरों में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के लिए एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जबकि ईडी और पुलिस जांच को तथ्यों पर आधारित बताया जा रहा है।

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Author: Deepak Mittal

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