भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को देश को एकजुट करने में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान की सराहना की और आरोप लगाया कि कांग्रेस की ”साजिश” के कारण भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री को आजादी के बाद चार दशकों तक इतिहास में वह सम्मान नहीं मिल सका जिसके वह ”सच्चे हकदार” थे।
नड्डा ने कहा कि अगर किसी ने सरदार पटेल को देश के इतिहास में ”सही और उचित स्थान” दिया है, तो वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं। भाजपा अध्यक्ष ने पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में ”ऐट 150 यूनिटी मार्च’ को हरी झंडी दिखाने के बाद एक कार्यक्रम में ये टिप्पणियां कीं। पटेल भारत के पहले गृह मंत्री भी रहे। नड्डा ने कहा, ”अंग्रेज चाहते थे कि भारत कमजोर और विभाजित रहे।
हमें उस मानसिकता से भी मुक्ति मिली। हमारा देश 562 रियासतों में बंटा हुआ था। हम विदेशी शासन के अधीन रहे क्योंकि हम विभाजित थे।” उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने दो साल के भीतर इन रियासतों को एकजुट कर एक राष्ट्र बनाया। केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा, ”उन्होंने एक विभाजित भूमि को एक मजबूत और एकजुट भारत – ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ में बदल दिया।
लेकिन दुर्भाग्य से इतिहास और देश में उन्हें जो सम्मान मिलना चाहिए था, उसकी कांग्रेस के शासनकाल में कांग्रेस नेताओं ने दुर्भावनापूर्ण और स्वार्थी कारणों से अनदेखी की।” भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि आजादी के बाद चार दशकों (1950 से 1991) तक कांग्रेस सत्ता में रही, फिर भी तब के किसी भी प्रधानमंत्री ने सरदार पटेल को भारत रत्न नहीं दिया। नड्डा ने आरोप लगाया, ”यह सुनिश्चित करने के लिए षड्यंत्र रचे गए कि इतिहास में उन्हें वह सम्मान न मिले जिसके वह हकदार थे।” उन्होंने कहा कि अगर किसी ने यह सुनिश्चित किया है कि सरदार पटेल को इतिहास में उनका उचित स्थान मिले, तो वह प्रधानमंत्री मोदी हैं। नड्डा ने कहा, ”वास्तव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि दी। उनके नेतृत्व में केवडिया में सरदार पटेल की दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया गया।”
Author: Deepak Mittal










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