जे के मिश्र
ब्यूरो चीफ
नवभारत टाइम्स 24*7in बिलासपुर
बिलासपुर: जिला मुख्यालय में दिसंबर महीने के दूसरे सप्ताह ठंड ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है। लगातार बढ़ रही ठंड के बीच चौक-चौराहों पर शासन प्रशासन द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं किए जाने के बीच लोगों की निगाहें प्रशासन पर जा टिकी हैं।
पड़ रही ठंड के बीच चौक-चौराहों पर अलाव की व्यवस्था नहीं होने के कारण रदी कागज और फलों की पेटियों का जलाकर लोग ठंड भगाने का प्रयास कर रहे हैं। पड़ रही ठंड के बीच लोग घरों में ही दुबकने लगे हैं। सुबह-शाम ज्यादा ठंड पड़ने के कारण अति आवश्यक कार्य से ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं। वृद्धों और बच्चों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिसके चलते कुछ स्कूलों ने भी सुबह के समय में कुछ संशोधन किए है।
सुबह का तापमान दोपहर के तापमान के आधे से भी कम आंका जा रहा है। ठंड के अधिक होने के कारण कई लोगों के प्रात: कालीन ठहलने का समय पर असर पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गाें और बच्चों को हो रही है। हालात हैं कि शाम ढलते ही सड़कों पर सन्नाटा पसरने लगा है।
बिलासपुर में ठंड का प्रकोप जोरो पर है न्याय नगरी जिला बिलासपुर पूर्व मध्य प्रदेश की अमरकंटक सीमा से लगा हुआ है जहां पर अभी तक दोनों प्रदेश सरकार ने अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है इन दिनों बिलासपुर में ठंड चपेट के चलते आने वाले यात्रियों को शासकीय कार्य न्यायालयीन कार्य में परेशानी हो रही है वही सड़कों पर बैठे सैकड़ो की संख्या में भिखारी लोग सहित स्थानीय लोगों ने प्रदेश की संस्थाओं से नगर निगम बिलासपुर से मांग की है
कि इस तरीके ठंडक देखते हुए की शीघ्र से शीघ्र अलाव की व्यवस्था की जाए जिससे बाहर से आने वाले यात्रियों को अलाव की सुविधा मिल सके,यात्रियों, ठेला-रिक्शा चलाने वालों और गरीबों को हो रही खासी दिक्कत पड़ रही कड़ाके की ठंड के बीच दूर-दराज से बस पड़ाव अथवा रेलवे स्टेशन पहुंचे यात्रियों, ठेला और रिक्शा चलाने वालों के साथ गरीबों और खानाबदोशों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
दूर कहीं धुआं उठता देख आग की उम्मीद में लोग वहां पहुंच जा रहे हैं। गर्म कपड़े भी ठंड से निजात दिला पाने में हो रहे नाकाफी पड़ रही ठंड के बीच गर्म कपड़े भी ठंड से पूरी तरह निजात दिलाने में नाकाफी साबित हो रहे हैं। गर्म कपड़े पहनने के साथ ही आग का सहारा लेना पड़ रहा है।स्थानीय प्रशासन इस ओर ध्यान अवश्य देगा क्योंकि कलेक्टर बिलासपुर मानवीय संवेदनाओं से ओत प्रोत है

Author: Deepak Mittal
