बिलासपुर, 12 अगस्त 2025:
कभी-कभी तस्वीरें शब्दों से ज्यादा बोलती हैं। बहतराई स्टेडियम में आज ऐसा ही एक दृश्य देखने को मिला, जब छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने मंच पर बैठीं स्वच्छता दीदियों के चरण पखारे।
यह केवल एक सम्मान नहीं था – यह उन लाखों महिलाओं के परिश्रम, संघर्ष और आत्मसम्मान को देश के सामने प्रतिष्ठा दिलाने का ऐतिहासिक क्षण था। जैसे ही मुख्यमंत्री झुके, मंच से लेकर जनसभा तक, हर आंख नम हो गई – गर्व और भावुकता से भरे इस पल ने हजारों दिलों को छू लिया।
“आज हमारे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण दिन है”
सम्मानित स्वच्छता दीदियों में से पुनीता बाई (विश्रामपुर) और रानू देवांगन (कुम्हारी) ने कहा:
“लोग हमारे काम को अक्सर छोटा समझते हैं, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने हमारे पैर धोकर साबित कर दिया कि सफाई सिर्फ काम नहीं, एक सेवा है।”
इसी तरह बिल्हा की पूजा राठौर और दंतेवाड़ा की वसु राज ने भी अपनी भावनाएं साझा कीं:
“हमने आठ साल से सफाई की, लेकिन ऐसा सम्मान पहले कभी नहीं मिला। आज लगा कि हमारी मेहनत को असली पहचान मिली है।”
CM साय ने क्यों कहा ये सिर्फ सफाई नहीं, सामाजिक क्रांति है:
मुख्यमंत्री साय ने कहा:
“स्वच्छता दीदियां और कमांडोज़ सिर्फ सफाई नहीं कर रहे, वे समाज को बदलने का काम कर रहे हैं। आज उनके प्रति सम्मान दिखाकर हमने पूरे समाज को संदेश दिया है – कि सेवा का हर रूप पूजनीय है।“
नगरीय निकायों को भी मिला सम्मान:
‘स्वच्छ सर्वेक्षण-2024-25’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों की स्वच्छता दीदियों को भी इसी मंच पर सम्मानित किया गया। जनप्रतिनिधियों और आम जनता के समर्थन से यह परिवर्तन संभव हो पाया।
इस आयोजन से बदलेगी सोच:
यह क्षण केवल एक रस्म नहीं था – यह था सम्मान की परिभाषा बदलने वाला क्षण। समाज में वर्षों से “सफाई के काम” को निचले दर्जे का माना जाता रहा, लेकिन आज एक मुख्यमंत्री ने पैर पखारकर इसे सम्मान और गौरव का प्रतीक बना दिया।
Author: Deepak Mittal










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