ईरान की राजधानी तेहरान में हमले का दावा, एम्युनिशन बंकर और सैन्य ठिकाने तबाह

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नई दिल्ली: Israel Defense Forces (आईडीएफ) ने दावा किया है कि उसने Tehran में हमलों की एक और बड़ी लहर को अंजाम दिया है। आईडीएफ के अनुसार इन हमलों में ईरानी शासन की सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों से जुड़े कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया।

आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि इस ऑपरेशन के दौरान लगभग 50 एम्युनिशन बंकर, एक बासिज बेस, इंटरनल सिक्योरिटी कमांड सेंटर और Islamic Revolutionary Guard Corps (आईआरजीसी) की ग्राउंड फोर्स के एक कंपाउंड को निशाना बनाया गया।

इजरायली सेना के मुताबिक इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स और बासिज बेस ईरानी शासन की सशस्त्र ताकत का हिस्सा हैं, जो लंबे समय से आतंकवादी गतिविधियों को समर्थन देने और विरोध प्रदर्शनों को दबाने जैसे कामों में शामिल रहे हैं। इनका इस्तेमाल गिरफ्तारियां करने, ट्रांसपोर्टेशन रूट पर नियंत्रण रखने और महत्वपूर्ण सुविधाओं की सुरक्षा के लिए किया जाता रहा है।

आईडीएफ ने यह भी दावा किया कि पिछले 24 घंटों में पश्चिमी और मध्य ईरान में कई बड़े हमले किए गए, जिनमें मिसाइल लॉन्चर, रक्षा प्रणालियों, हथियार भंडारण केंद्रों और अन्य सैन्य ढांचे को निशाना बनाया गया। सेना के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन “Roaring Lion” के तहत की जा रही है और इजरायली वायुसेना अब तक सैकड़ों स्ट्राइक मिशन पूरा कर चुकी है।

वहीं, Iranian Red Crescent Society (आईआरसीएस) ने दावा किया है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के कारण बड़ी संख्या में रिहायशी इमारतें भी नष्ट हुई हैं। संस्था के अनुसार अब तक 9,669 नागरिक इकाइयां पूरी तरह तबाह हो चुकी हैं, जबकि 7,943 आवासीय और 1,617 व्यावसायिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है।

इस बीच एजेंसी ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि धमाकों के बाद बारिश के दौरान घर से बाहर न निकलें। यदि बाहर हों तो कंक्रीट या धातु की छत के नीचे शरण लें और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। साथ ही यदि बारिश का पानी त्वचा के संपर्क में आए तो प्रभावित हिस्से को रगड़ने के बजाय ठंडे पानी से धोने की सलाह दी गई है।

तनाव के बीच इजरायली सेना ने सोशल मीडिया पर फारसी भाषा में चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei के संभावित उत्तराधिकारी को चुनने की प्रक्रिया में शामिल लोगों को भी निशाना बनाया जा सकता है। इजरायल का कहना है कि वह उन सभी लोगों तक पहुंचेगा जो नए नेता की नियुक्ति की कोशिश में शामिल होंगे।

मध्य पूर्व में बढ़ते इस तनाव के कारण क्षेत्रीय हालात और अधिक गंभीर होते जा रहे हैं।

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Author: Deepak Mittal

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