मैनपाट, सरगुजा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का मैनपाट दौरा न केवल राजनीतिक, बल्कि आध्यात्मिक और सामाजिक संदेशों से भी भरपूर रहा। उन्होंने आज भगवान बुद्ध की प्रतिमा का विधिवत अनावरण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री ने अपने X पोस्ट में लिखा:
“आज मैनपाट की पुण्यभूमि में शांति और सद्भाव के प्रतीक भगवान बुद्ध की प्रतिमा का विधिवत अनावरण कर उन्हें नमन किया। तिब्बती संस्कृति की आत्मीयता से ओतप्रोत स्वागत और स्नेह से अभिभूत हूं।”
इस पावन अवसर पर उन्होंने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पीपल का पौधा भी रोपा—जो पर्यावरण के साथ-साथ भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बन गया।
प्रशिक्षण शिविर का तीसरा दिन—योग से दिन की शुरुआत
मैनपाट में चल रहे सांसद-विधायक प्रशिक्षण शिविर के तीसरे दिन भी प्रातःकालीन योग सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री ने भाग लिया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा:
“समत्वं योग उच्यते। योग भारत की सनातन परंपरा का वह दिव्य सूत्र है, जिसके प्रत्येक आसन में अनुशासन है, प्रत्येक श्वास में ध्यान है और प्रत्येक क्षण में आत्मिक संतुलन की अनुभूति होती है।”
यह वक्तव्य न केवल योग के महत्व को दर्शाता है, बल्कि शासन में अनुशासन और मानसिक संतुलन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।
समर्पण, संस्कृति और संतुलन का संगम
मुख्यमंत्री साय का यह दौरा केवल राजनीतिक संवाद का हिस्सा नहीं था, बल्कि यह प्रकृति, परंपरा और प्रबंधन के संतुलन का जीवंत उदाहरण बन गया।
बुद्ध प्रतिमा का अनावरण, पर्यावरण जागरूकता अभियान और योग—तीनों के जरिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक और सामाजिक चेतना को नई ऊर्जा दी।
Author: Deepak Mittal










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