बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़):
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के छोटे से गांव ठेलकी की उभरती लेखिका इंदु वर्मा को इस साल 15 अगस्त को राजधानी दिल्ली में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि सम्मान से नवाजा जाएगा। इंदु वर्मा ने स्वतंत्रता संग्राम के महान शहीद वीर नारायण सिंह की जीवनी पर लिखी पुस्तक से साहित्य जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है।
किताब जिसने छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में किया रौशन
राष्ट्रीय पुस्तक न्यास के तहत प्रकाशित यह पुस्तक, जो शहीद वीर नारायण सिंह की संपूर्ण जीवनी है, को प्रधानमंत्री की मेंटरशिप योजना के तहत देश भर से चुने गए 75 युवा लेखकों में शामिल किया गया। इस योजना में लगभग 16,000 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें इंदु वर्मा की पुस्तक ने अपनी गहराई और शोध के लिए विशेष स्थान बनाया।
राष्ट्रपति भवन से लेकर रक्षा मंत्रालय तक का सफर
इंदु वर्मा को पहले भी महामहिम राष्ट्रपति से मिलने का मौका मिला है और अब रक्षा मंत्रालय ने उन्हें 15 अगस्त समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है। 12 अगस्त को उनकी दिल्ली आने की रेल टिकट भी सुरक्षित कर ली गई है।
युवा लेखकों के लिए एक मिसाल
यह योजना युवाओं में पढ़ने-लिखने और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने का काम कर रही है। इंदु वर्मा जैसे युवा लेखकों को राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की छात्रवृत्ति और मार्गदर्शन मिलता है। उन्हें प्रति माह 50,000 रुपये की स्कालरशिप और प्रकाशित पुस्तक की कीमत का 10% रॉयल्टी आजीवन प्राप्त होती रहेगी।
छत्तीसगढ़ और पूरे भारत के लिए गर्व की बात
इंदु वर्मा की यह उपलब्धि न केवल बलौदाबाजार जिले के लिए, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है। उन्होंने साहित्य के माध्यम से देश के स्वतंत्रता संग्राम के अज्ञात नायकों को सम्मानित किया है।

Author: Deepak Mittal
