आजकल हाई ब्लड प्रेशर और हाई ब्लड शुगर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार वर्ष 2024 तक दुनिया भर में 30 से 79 वर्ष की आयु के करीब 1.4 अरब लोग उच्च रक्तचाप से प्रभावित हो सकते हैं, जबकि 2022 में लगभग 830 मिलियन लोग मधुमेह के साथ जीवन जी रहे थे। ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलाव अपनाने की सलाह दे रहे हैं।
हाल ही में किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि सोने से कम से कम तीन घंटे पहले खाना बंद कर देने से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर में सुधार हो सकता है। यह शोध नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है और इसे ‘आर्टेरियोस्क्लेरोसिस, थ्रोम्बोसिस एंड वैस्कुलर बायोलॉजी’ जर्नल में प्रकाशित किया गया है।
शरीर की जैविक घड़ी से जुड़ा है खाने का समय
शोधकर्ताओं के अनुसार शरीर एक प्राकृतिक जैविक घड़ी यानी “सर्केडियन रिदम” का पालन करता है, जो नींद, मेटाबॉलिज्म, हार्मोन स्राव और हृदय की कार्यप्रणाली को नियंत्रित करती है। देर रात भोजन करने से यह लय बाधित हो जाती है।
जब शरीर को आराम और खुद को ठीक करने की आवश्यकता होती है, उस समय खाना खाने से पाचन प्रक्रिया सक्रिय हो जाती है। इससे ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के स्तर पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। अध्ययन में प्रतिभागियों को सोने से तीन घंटे पहले भोजन बंद करने, रोशनी धीमी रखने और दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे तक उपवास रखने के निर्देश दिए गए थे।
शोध में पाया गया कि कैलोरी कम किए बिना केवल खाने के समय में बदलाव करने से हृदय और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी सेहत में सुधार हो सकता है। यह बदलाव खासतौर पर मध्यम आयु और बुजुर्ग लोगों के लिए लाभदायक माना गया है।
ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट में भी दिखा सुधार
अध्ययन में 36 से 75 वर्ष आयु के 39 ऐसे वयस्कों को शामिल किया गया था, जिनका वजन अधिक था या जिन्हें मधुमेह और हृदय रोग का खतरा था। प्रतिभागियों को दो समूहों में बांटा गया था। एक समूह ने 13 से 16 घंटे तक उपवास किया, जबकि दूसरे समूह ने 11 से 13 घंटे तक उपवास रखा।
दोनों समूहों को सोने से तीन घंटे पहले खाना बंद करने और रोशनी कम करने के निर्देश दिए गए थे। अध्ययन के नतीजों में पाया गया कि रात के समय प्रतिभागियों का ब्लड प्रेशर लगभग 3.5 प्रतिशत तक कम हो गया और हार्ट रेट में करीब 5 प्रतिशत की कमी आई। इससे हृदय पर पड़ने वाला दबाव भी कम हुआ।
इसके अलावा ब्लड शुगर नियंत्रण में सुधार, इंसुलिन संवेदनशीलता में वृद्धि और रात में कोर्टिसोल हार्मोन के स्तर में कमी भी देखी गई, जिससे मेटाबॉलिज्म संतुलित होने में मदद मिली।
विशेषज्ञों की सलाह: हल्का भोजन और ‘3 घंटे का नियम’
विशेषज्ञों का कहना है कि नींद के अनुसार उपवास का समय बढ़ाना जीवनशैली में एक आसान बदलाव है, जो दिल और मेटाबॉलिज्म से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि यह अध्ययन सीमित लोगों पर किया गया है और अधिक बड़े स्तर पर शोध की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ ‘3 घंटे के नियम’ का पालन करने की सलाह देते हैं। यदि कोई व्यक्ति रात 10 बजे सोता है, तो उसे शाम 7 बजे तक भोजन कर लेना चाहिए। रात के समय हल्का भोजन जैसे दाल, पनीर करी, ग्रिल्ड चिकन और सलाद लेना बेहतर माना जाता है।
साथ ही सोने से पहले रोशनी कम रखना, मोबाइल और स्क्रीन का उपयोग घटाना और गर्म पानी या हर्बल चाय पीना भी लाभदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार सोने से तीन घंटे पहले भोजन बंद करने जैसी छोटी आदत भी ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है और दिल की सेहत को सुरक्षित रखने में सहायक हो सकती है।
Author: Deepak Mittal










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