रायपुर। छत्तीसगढ़ में व्यापम द्वारा आयोजित सब-इंजीनियर भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल की घटना ने राज्य की परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को कटघरे में ला खड़ा किया है। इस गंभीर मामले की जांच के लिए कांग्रेस ने 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया है।
कमेटी का संयोजक पूर्व संसदीय सचिव यू.डी. मिंज को बनाया गया है। अन्य सदस्यों में पूर्व विधायक विनय भगत, पीसीसी महामंत्री आरती सिंह, एनएसयूआई अध्यक्ष नीरज पांडे, जिला अध्यक्ष मनोज सागर यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष विनयशील, एनएसयूआई के अमित शर्मा, हिमांशु जायसवाल, विकास सिंह ठाकुर और मयंक सिंह गौतम शामिल हैं।
कैसे हुआ नकल कांड का खुलासा?
यह मामला बिलासपुर के शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरकंडा परीक्षा केंद्र क्रमांक 1309 का है। यहां अनुराधा बाई नामक युवती परीक्षा केंद्र के बाहर से वॉकी-टॉकी, टैबलेट, ब्लूटूथ डिवाइस की मदद से अंदर बैठी परीक्षार्थी अन्नु सूर्या (रोल नंबर 13091014) को उत्तर भेज रही थी।
एक सतर्क ऑटो चालक को युवती की संदिग्ध गतिविधियों पर शक हुआ, जिसके बाद उसने एनएसयूआई नेता विकास ठाकुर को इसकी जानकारी दी। विकास मौके पर पहुंचे और हाईटेक डिवाइसेस के साथ युवती को रंगे हाथों पकड़ लिया।
परीक्षा में क्या मिला?
जैसे ही परीक्षा स्टाफ को जानकारी मिली, कक्ष क्रमांक 7 में बैठी परीक्षार्थी अन्नु सूर्या की तलाशी ली गई। हिडन कैमरा और माइक्रो स्पीकर उसके अंतःवस्त्रों में छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें वह नकल में उपयोग कर रही थी। यह पूरा मामला कैमरे में कैद हो गया और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
व्यापम की सख्ती:
व्यापम ने मामले में तुरंत सख्त कदम उठाते हुए “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आरोपी परीक्षार्थी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी है।
कांग्रेस की जांच कमेटी क्या करेगी?
कांग्रेस की गठित समिति इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करेगी। आरोपी परीक्षार्थी, उसके परिजन और संबंधित स्टाफ से बातचीत कर वस्तुस्थिति की रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे पार्टी नेतृत्व को सौंपा जाएगा।

Author: Deepak Mittal
