Amit Shah Met The Families Of Those Killed In Naxal Violence: केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर हैं। जहां उन्होंने जगदलपुर में हथियार छोड़ मुख्यधारा में शामिल हुए महाराष्ट्र, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और असम के लोगों से मुलाकात की।
इस अवसर पर सीएम विष्णुदेव साय और डिप्टी सीएम विजय शर्मा सहित स्थानीय लोग मौजूद थे।
मुलाकात के बाद अपने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, साल 2019 में कश्मीर, उत्तरपूर्व और नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में देश के युवा हथियार लेकर अपना जीवन बर्बाद कर रहे थे, हिंसा कर रहे थे और पूरे क्षेत्र को विकास से दूर रखते थे। उस वक्त पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में ये तय किया गया था कि, जो लोग हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं, उन्हें ये मौका दिया जाए।
पीड़ितों के कल्याण के लिए सरकार बना रही योजना
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि, 2019 से 2024 तक सिर्फ नॉर्थ ईस्ट में ही 9000 से अधिक लोगों ने हथियार छोड़कर सरेंडर किया है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में भी कई युवाओं ने सरेंडर किया है और अब भारत सरकार ऐसे लोगों और नक्सलवाद से पीड़ित लोगों के कल्याण के लिए समग्र योजना बना रही है।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी ने नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में 15 हज़ार मकान बनाने को मंज़ूरी दी है। इसके साथ ही, नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्रों में हर परिवार को एक गाय या भैंस देकर डेयरी कोऑपरेटिव बनाने की शुरूआत भी की जा रही है।
माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के साथ नक्सल हिंसा में मारे गए व्यक्तियों के परिजनों से भेंट कर आत्मीय संवाद किया।
नक्सल पीड़ित परिवारों के लिए डबल इंजन की सरकार ने 15 हजार आवास निर्माण की स्वीकृति दी है। हमारी सरकार पीड़ित परिवारों के जीवन को संवारने… pic.twitter.com/hc3XvSevLH
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 16, 2024
युवाओं को मेनस्ट्रीम में वापिस लाना हमारा लक्ष्य
केन्द्रीय गृह मंत्री ने आगे कहा कि, पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ में सरकार बनने के बाद नक्सलवाद मुक्त छत्तीसगढ़ का संकल्प लिया गया था। हिंसा रास्ता नहीं है, बल्कि जिन लोगों ने हथियार उठा रखे हैं, उन्हें मेनस्ट्रीम में वापिस लाना है। उन्होंने आगे कहा कि, छत्तीसगढ़ सरकार ने सबसे अच्छी सरेंडर पॉलिसी बनाई है और इसे पूरे देश में रेप्लिकेट करके हथियार छोड़ने वाले युवाओं को समाज में पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
आज जगदलपुर स्थित अमर शहीद वाटिका में माननीय केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के साथ एक पेड़ शहीदों के नाम "पोदला उरस्कना" अभियान के तहत पीपल का पौधा लगाया।
इस दौरान मैंने परिसर में शहीदों की स्मृति में रुद्राक्ष का पौधा लगाया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा जी… pic.twitter.com/FxMa70NLCI
— Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) December 16, 2024
लोगों से की अपील
केन्द्रीय गृह मंत्री ने हिंसा में लिप्त युवाओं से अपील की कि, वे हथियार छोड़कर समाज की मुख्य धारा में आ जाएं। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के बारे में बात करते हुए कहा कि बस्तर के होनहार बच्चे भारत का भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि 2025 से 2036 के ओलंपिक तक बस्तर के बच्चों को पदक जीतने के योग्य बनाने का प्रोसेस शुरू करना चाहिए।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब बस्तर की एक बच्ची 2036 के ओलंपिक में पदक जीतेगी, वो नक्सलवाद को एक मज़बूत जवाब और पूरी दुनिया को संदेश होगा कि हिंसा रास्ता नहीं है बल्कि विकास रास्ता है।
लोगों को पीएम मोदी पर भरोसा
उन्होंने आगे कहा कि, अब बहुत कम क्षेत्र नक्सलवाद से प्रभावित है। उन्होंने कहा कि जो हिंसा में लिप्त हैं, वे भी हमारे अपने ही लोग हैं। राज्य के नागरिकों को स्कूल, दवाखाने, अस्पताल, मुफ्त अनाज, बिजली, शौचालय, पानी चाहिए और इन सभी सुविधाओं को आपके गांवों तक पहुंचाने की ज़िम्मेदारी छत्तीसगढ़ सरकार की है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार की सभी कल्याणकारी योजनाओं की सबसे पहली प्राथमिकता बस्तर है। उन्होंने आगे कहा कि, हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में आने वाले लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा किया है और उनका ये भरोसा टूटेगा नहीं और ऐसे लोगों को देखकर कई युवा हथियार छोड़कर विकास की यात्रा में शामिल होंगे।
Author: Deepak Mittal










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