CG कैबिनेट मीटिंग: अनुकम्पा नियुक्ति में संशोधन, टाइगर फाउंडेशन सोसायटी और सोलर योजना को मंजूरी, जानें अन्य अहम फैसले

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रायपुर, 18 जून 2025 — छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विधानसभा के आगामी मानसून सत्र से पहले हुई इस बैठक में सामाजिक न्याय, वन्यजीव संरक्षण, अक्षय ऊर्जा, शिक्षा और खनिज नीति से जुड़े अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। यहाँ बैठक में लिए गए मुख्य निर्णयों पर एक नजर—


1. अनुकम्पा नियुक्ति नीति में बड़ा संशोधन

  • नक्सली हिंसा में शहीद पुलिसकर्मियों के परिवार को अब केवल पुलिस विभाग में ही नहीं, बल्कि राज्य के किसी भी विभाग या जिले में अनुकम्पा नियुक्ति मिल सकेगी।

  • पहले यह नियुक्ति उसी कार्यालय या विभाग में सीमित होती थी जहाँ शहीद कर्मी कार्यरत था।


2. छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी का गठन

  • राज्य में बाघों की घटती संख्या (वर्तमान अनुमानित संख्या 18–20) को देखते हुए “छत्तीसगढ़ टाइगर फाउंडेशन सोसायटी” गठित की जाएगी।

  • यह संस्था स्व-वित्तपोषित होगी और वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत कार्य करेगी।

  • ईको-टूरिज्म, स्थानीय रोजगार, पर्यावरणीय शिक्षा, और बाहरी निवेश को बढ़ावा मिलेगा।


3. पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में राज्य सहायता

  • 1 किलोवाट से 3 किलोवाट या उससे अधिक के सोलर रूफटॉप संयंत्र पर केंद्र के साथ-साथ राज्य से भी सब्सिडी मिलेगी।

  • उदाहरण:

    • 1 किलोवाट संयंत्र: ₹45,000 (₹30,000 केंद्र + ₹15,000 राज्य)

    • 3 किलोवाट या अधिक: ₹1,08,000 (₹78,000 केंद्र + ₹30,000 राज्य)

  • CSPDCL योजना की कार्यान्वयन एजेंसी होगी।

  • 2025–26 में 60,000 और 2026–27 में 70,000 प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य।


4. रामकृष्ण मिशन आश्रम, नारायणपुर में संस्थाओं का विलय

  • ‘विश्वास’ संस्था को रामकृष्ण मिशन आश्रम, नारायणपुर में मर्ज किया जाएगा।


5. बेमेतरा जिले में उद्यानिकी महाविद्यालय की स्थापना

  • साजा तहसील के बेलगांव में 100 एकड़ जमीन पर उद्यानिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत महाविद्यालय स्थापित होगा।


6. JashPure ब्रांड राज्य को हस्तांतरित

  • जशपुर जिले की महिला SHGs द्वारा उत्पादित हर्बल चाय व महुआ जैसे उत्पादों को ‘JashPure’ ब्रांड के तहत बड़े बाज़ार मिलेंगे।

  • राज्य शासन या CSIDC को ब्रांड हस्तांतरित होगा।

  • स्थानीय कच्चे माल की मांग और महिला स्व-रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।


7. वंचित समुदायों को छात्रवृत्ति और छात्रावास की सुविधा

  • डिहारी कोरवा, बघेल क्षत्रिय, संसारी उरांव, पबिया/पविया समाज के विद्यार्थियों को ST समतुल्य,
    और डोमरा समाज के विद्यार्थियों को SC समतुल्य राज्य मद से छात्रवृत्ति और छात्रावास में प्रवेश की सुविधा मिलेगी।


8. स्टेट मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (SMET) का गठन

  • गौण खनिजों के सुव्यवस्थित उपयोग के लिए SMET ट्रस्ट की स्थापना की जाएगी।

  • खनिज रॉयल्टी का 2% हिस्सा इस ट्रस्ट में जाएगा।

  • इसका उपयोग खनिज अन्वेषण, इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाई-टेक सर्वे, और मानव संसाधन उन्नयन में होगा।


निष्कर्ष:
कैबिनेट की ये घोषणाएं राज्य के सामाजिक न्याय, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और आजीविका जैसे क्षेत्रों में व्यापक सुधार और विकास का संकेत देती हैं। आने वाले समय में इन योजनाओं का क्रियान्वयन राज्य की दिशा और दशा को नई गति देगा।

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Author: Deepak Mittal

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