बीजापुर: छत्तीसगढ़–तेलंगाना सीमा पर स्थित कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों में नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (बारूदी सुरंग) विस्फोट में तीन जवान घायल हो गए। घटना उस समय हुई, जब सुरक्षा बल नक्सल विरोधी सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। घायलों में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के दो जवान और कोबरा बटालियन का एक जवान शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार, कर्रेगुट्टा क्षेत्र में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना के बाद सुरक्षा बलों की टीम सर्च अभियान पर निकली थी। इसी दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी विस्फोटित हो गए। पहले विस्फोट के बाद हुए दूसरे धमाके की चपेट में आने से तीन जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के तुरंत बाद घायल जवानों को उनके साथियों ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद सभी को बीजापुर जिला मुख्यालय लाया गया। घायलों में से एक जवान की हालत गंभीर होने पर उसे बेहतर इलाज के लिए रायपुर एयरलिफ्ट किया गया है।
बताया जा रहा है कि यह घटना गणतंत्र दिवस से ठीक पहले हुई है। कर्रेगुट्टा की इन पहाड़ियों में इस बार पहली बार गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराने की तैयारी की जा रही थी। नक्सलियों की इस कायराना हरकत के बाद सुरक्षा बलों की सतर्कता और बढ़ा दी गई है। पूरे इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है, ताकि गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में किसी भी तरह की बाधा न आए।
सुरक्षा बलों के अधिकारियों ने बताया कि घायल जवानों का इलाज जारी है और क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। कर्रेगुट्टा और आसपास के इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। विस्फोट के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है।
पुलिस और सुरक्षा बलों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में न जाएं तथा सुरक्षा बलों के निर्देशों का पालन करें। अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी और अन्य जालों की पहचान के लिए तकनीकी और विशेष टीमों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने दोहराया है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी कीमत पर शांति व्यवस्था भंग नहीं होने दी जाएगी।
Author: Deepak Mittal








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