मैनपुर: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले अंतर्गत थाना मैनपुर क्षेत्र के ग्राम बड़ेगोबरा के सांपसाटी जंगल-पहाड़ी इलाके में सुरक्षाबलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 46,31,500 रुपये नगद बरामद किए हैं।
संयुक्त कार्रवाई जिला पुलिस बल गरियाबंद की ई-30 ऑप्स टीम और डीआरजी धमतरी द्वारा की गई। पुलिस के मुताबिक, यह डम्प प्रतिबंधित संगठन Communist Party of India (Maoist) के धमतरी-गरियाबंद-नुआपाड़ा डिवीजन से जुड़ा हुआ है।
आत्मसमर्पित माओवादियों से मिली अहम सूचना
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाल के महीनों में शासन की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर कई माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उनसे पूछताछ के दौरान बड़ेगोबरा के सांपसाटी क्षेत्र में डम्प छिपाए जाने की जानकारी मिली थी। सूचना की पुष्टि के बाद 28 फरवरी 2026 को ई-30 ऑप्स टीम गरियाबंद और डीआरजी धमतरी की संयुक्त टीम को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया।
दुर्गम जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में घंटों चली तलाशी के दौरान अलग-अलग स्थानों पर छिपाए गए डम्प का पता लगाया गया।
भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद
बरामद सामग्री में 01 भरमार बंदूक, 33 भरमार राउंड, 01 सुरका रायफल, 32 बीजीएल सेल, 10 इंसास राउंड, 11 एसएलआर राउंड, 45 एके-47 राउंड, 41 नग .303 राउंड, 23 सिंगल शॉट राउंड और 26 नग 12 बोर राउंड शामिल हैं।
इसके अलावा 13 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 10 नॉन-इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 01 लैपटॉप, 02 मोबाइल फोन तथा बड़ी मात्रा में नक्सली साहित्य भी जब्त किया गया है।
पुलिस का अनुमान है कि यह डम्प किसी बड़ी माओवादी वारदात की तैयारी का हिस्सा हो सकता था।
46.31 लाख नकद की बरामदगी
कार्रवाई का सबसे अहम पहलू 46,31,500 रुपये की नगद राशि की बरामदगी रही। पुलिस का मानना है कि यह राशि संगठन की गतिविधियों, भर्ती, रसद और हथियार खरीद के लिए सुरक्षित रखी गई थी। जंगल क्षेत्र में इतनी बड़ी रकम छिपाकर रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चौंकाने वाला रहा।
नक्सल उन्मूलन अभियान को मिली मजबूती
गरियाबंद पुलिस के अनुसार, पिछले दो वर्षों से जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान लगातार चलाया जा रहा है। शासन की पुनर्वास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के चलते कई सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है या उन्हें निष्क्रिय किया गया है।
अधिकारियों ने कहा कि इस ताजा कार्रवाई से नक्सली संगठन की आर्थिक और सैन्य क्षमता पर बड़ा असर पड़ा है। संयुक्त ऑपरेशन को वरिष्ठ अधिकारियों ने सराहा है और स्पष्ट किया है कि जिले में नक्सल गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
पुलिस का कहना है कि लगातार खुफिया नेटवर्क की मजबूती और सुरक्षाबलों की सक्रियता से क्षेत्र में शांति और विकास को और गति मिलेगी।
Author: Deepak Mittal










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