CG Breaking: 600 करोड़ के मुआवजा घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी – भूमाफिया-सरकारी गठजोड़ का पर्दाफाश!

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Deepak Mittal

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को जल संसाधन विभाग में अमीन पद पर कार्यरत रहे सेवानिवृत्त अफसर गोपाल राम वर्मानरेंद्र कुमार नायक समेत 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें खेमराज कोसले, पुनुराम देशलहरे, भोजराम साहू और कुंदन बघेल भी शामिल हैं। सभी को रायपुर विशेष न्यायालय में पेश किया गया।

जांच में सामने आया कि जल संसाधन विभाग के दो अधिकारियों ने जानबूझकर गलत रिपोर्ट तैयार की थी, जबकि अन्य चार आरोपियों ने राजस्व विभाग के फरार अधिकारियों के साथ मिलकर फर्जी खाता बंटवारा और कागजातों में हेरफेर किया। इसके बदले में इन्होंने किसानों से मोटा कमीशन भी वसूला।

क्या है पूरा मामला?

भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक लगभग 950 किमी लंबी सड़क बनाई जा रही है। इसके लिए किसानों से ज़मीन अधिग्रहित की गई, लेकिन मुआवजे के नाम पर जबरदस्त गड़बड़ी हुई। कुछ किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला, जबकि भूमाफियों को फर्जी दस्तावेजों के जरिए करोड़ों की रकम दिलाई गई।

इस घोटाले से सरकार को 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मार्च 2025 में जब मामला सामने आया तो तत्कालीन SDM निर्भय कुमार साहू, दो तहसीलदार और तीन पटवारियों को सस्पेंड किया गया। वर्तमान में ये सभी आरोपी फरार हैं और इनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है।

अब तक की कार्रवाई:

  • 6 नए आरोपी गिरफ्तार

  • SDM निर्भय साहू समेत 6 अफसर पहले से फरार

  • कुल नुकसान: ₹600 करोड़

  • जांच EOW और एंटी करप्शन ब्यूरो कर रही है

अब आगे क्या?

EOW की टीम घोटाले में शामिल अन्य अफसरों और दलालों की तलाश में छापेमारी कर रही है। जल्द ही और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

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Author: Deepak Mittal

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