जनगणना 2027: पहले चरण की शुरुआत आज से, जानिए पूरा शेड्यूल

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नए वित्तीय वर्ष के पहले दिन, यानी 1 अप्रैल से देशभर में जनगणना 2027 का पहला चरण शुरू होने जा रहा है। इस चरण में “मकान सूचीकरण और आवास गणना (HLO)” के तहत मकानों और परिवारों से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी।


भारत के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए 33 प्रश्नों का एक सेट तैयार किया गया है। जनगणनाकर्मी मकान की पहचान से लेकर उसकी संरचना तक की जानकारी जुटाएंगे। इसमें भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या, फर्श, दीवार और छत में उपयोग की गई सामग्री जैसी जानकारियां शामिल होंगी। साथ ही, मकान का उपयोग, उसकी स्थिति और प्रत्येक घर को एक यूनिक गृह संख्या भी दी जाएगी।


इस बार जनगणना में पहली बार “स्व-गणना” (Self Enumeration) की सुविधा भी दी गई है, जिससे लोग खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे।
पहले चरण का शेड्यूल

(1 अप्रैल से 30 सितंबर तक):
अंडमान-निकोबार, गोवा, कर्नाटक, ओडिशा, सिक्किम आदि:
स्वगणना – 1 से 15 अप्रैल , प्रगणक – 16 अप्रैल से 15 मई
गुजरात, दमन-दीव, दादरा नगर हवेली:
स्वगणना – 5 से 19 अप्रैल , प्रगणक – 20 अप्रैल से 19 मई
उत्तराखंड: स्वगणना – 10 से 24 अप्रैल , प्रगणक – 25 अप्रैल से 24 मई
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, हरियाणा आदि: स्वगणना – 16 से 30 अप्रैल , प्रगणक – 1 मई से 30 मई
बिहार: स्वगणना – 17 अप्रैल से 1 मई , प्रगणक – 2 से 31 मई
तेलंगाना: स्वगणना – 26 अप्रैल से 10 मई , प्रगणक – 11 मई से 9 जून
पंजाब: स्वगणना – 30 अप्रैल से 14 मई , प्रगणक – 15 मई से 13 जून
महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड, दिल्ली (नगर निगम):
स्वगणना – 1 से 15 मई , प्रगणक – 16 मई से 14 जून


उत्तर प्रदेश: स्वगणना – 7 से 21 मई , प्रगणक – 22 मई से 20 जून
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पुडुचेरी: स्वगणना – 17 से 31 मई , प्रगणक – 1 से 30 जून
हिमाचल प्रदेश: स्वगणना – 1 से 15 जून , प्रगणक – 16 जून से 15 जुलाई
केरल, नागालैंड: स्वगणना – 16 से 30 जून , प्रगणक – 1 से 30 जुलाई
तमिलनाडु, त्रिपुरा: स्वगणना – 17 से 31 जुलाई , प्रगणक – 1 से 30 अगस्त
असम: स्वगणना – 2 से 16 अगस्त , प्रगणक – 17 अगस्त से 15 सितंबर
मणिपुर: स्वगणना – 17 से 31 अगस्त , प्रगणक – 1 से 30 सितंबर


पश्चिम बंगाल में चुनावों के कारण शेड्यूल अभी तय नहीं किया गया है।
गुजरात और झारखंड में तारीखों में बदलाव संभव है।

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Author: Deepak Mittal

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