जे के मिश्र / बिलासपुर – नगर निगम अब री-मैपिंग के बाद नई दरों से टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है। इस प्रक्रिया में वे मकान और दुकानें शामिल होंगी जिन्होंने अतिरिक्त निर्माण किया है, लेकिन अब तक पुरानी दरों पर टैक्स जमा कर रहे थे। शहरी क्षेत्रों में टैक्स चोरी की समस्या को हल करने के लिए नगर निगम ने जीआइएस सर्वे के बाद आइडब्ल्यूएमएस प्रणाली का उपयोग शुरू किया है। इस प्रक्रिया के तहत, शहर की संपत्तियों की री-मैपिंग की जा रही है, जिससे संपत्तिकर में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि होने की संभावना है। इससे नगर निगम को राजस्व मिलेगा, जो शहर के विकास में सहायक होगा।
जीआइएस सर्वे के आधार पर की जा रही है री-मैपिंग
दो वर्ष पहले नगर निगम ने ग्लोबल इंफार्मेशन सिस्टम (जीआइएस) सर्वे का कार्य पूरा कराया था। अब उसी सर्वे के आधार पर, नगर निगम ने आइडब्ल्यूएमएस (इंटीग्रेटेड वर्क मैनेजमेंट सिस्टम) का उपयोग कर पुन: सर्वे करवाना शुरू किया है ताकि संपत्तिकर चोरी को रोका जा सके। इस सर्वे में उन मकानों और दुकानों की पहचान की जा रही है, जिन्होंने पुरानी दरों पर टैक्स जमा किया है जबकि उनके मौजूदा निर्माण के अनुसार संपत्तिकर अधिक होना चाहिए।
पुरानी दरों पर टैक्स जमा कर रहे रसूखदार
नगर निगम ने सर्वे के दौरान पाया कि कई प्रतिष्ठित लोगों, बिल्डरों और व्यापारियों ने नई इमारतें खड़ी की हैं, लेकिन अब तक पुरानी दरों पर ही टैक्स जमा कर रहे थे। नगर निगम अब 2016-17 की दरों को हटाकर नए सर्वे के अनुसार टैक्स वसूलने की तैयारी कर रहा है। इस प्रक्रिया से संपत्तिकर में वृद्धि की जाएगी, जिससे नगर निगम को फायदा होगा।
नई प्रणाली से टैक्स की वसूली
संपत्तिकर वसूली के लिए नगर निगम ने नया फार्मेट तैयार किया है, जिसके अनुसार 2020-21 से जीआइएस सर्वे के बाद नई दरें लागू की गई हैं। नगर निगम ने 2022-23 वित्त वर्ष से जीआइएस सर्वे के आधार पर टैक्स की नई सूची वेबसाइट पर अपलोड की है, जिसमें भवन मालिक का नाम, खाता नंबर, प्लाट नंबर और मोबाइल नंबर की जानकारी शामिल है। इस नई प्रणाली के तहत अब टैक्स की वसूली की जा रही है।
घर-घर सर्वे और री-मैपिंग का काम जारी
आइडब्ल्यूएमएस के तहत नगर निगम की टीम भवनों, मकानों और दुकानों की री-मैपिंग कर रही है। नगर निगम और संबंधित कंपनी के कर्मचारी लोगों के घर-घर जाकर सर्वे का काम कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, एक जोन का काम पूरा हो चुका है और जल्द ही अन्य जोन में भी री-मैपिंग शुरू होगी।
Author: Deepak Mittal










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