Bihar Election 2025: CM नीतीश ने 21 लाख महिलाओं के खाते में भेजे ₹10,000, ‘महिला रोजगार योजना’ की पूरी जानकारी

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Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसे राजनीतिक गलियारों में “इलेक्शन मास्टरस्ट्रोक” कहा जा रहा है।

सोमवार (06 अक्टूबर) को नीतीश सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 21 लाख महिलाओं के खाते में ₹10,000-₹10,000 की तीसरी किस्त सीधे ट्रांसफर की। यह राशि DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी गई, जिसकी कुल राशि करीब ₹2,100 करोड़ है।

सीएम नीतीश कुमार ने ट्वीट कर कहा, ”मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत राज्य की 21 लाख महिला लाभुकों को 10,000 रुपये प्रति लाभुक की दर से 2100 करोड़ रुपए की राशि भेज दिए गए हैं। ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का मुख्य लक्ष्य राज्य के सभी परिवारों की एक महिला को उनकी पसंद का रोजगार शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता देना है। इसके तहत आर्थिक सहायता के रूप में 10000 रुपये की प्रारंभिक राशि दी जाएगी। महिलाओं द्वारा रोजगार शुरू करने के बाद आकलन कर 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जाएगी।”

सीएम नीतीश कुमार ने कहा, ”मुझे विश्वास है कि इस योजना के क्रियान्वयन से न सिर्फ महिलाओं की स्थिति और ज्यादा मजबूत होगी बल्कि राज्य के अंदर ही रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। स्वावलंबन एवं आत्मनिर्भरता पर केंद्रित इस योजना के माध्यम से राज्य एवं देश के आर्थिक विकास को बल मिलेगा।”

Bihar CM Mahila Rojgar Yojana: क्या है ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’, अब तक कितने किस्त हुए जारी?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस योजना की शुरुआत 29 अगस्त को की थी और एक महीने के भीतर तीन किस्तें जारी कर दीं। अब तक 1.21 करोड़ महिलाओं को इस योजना से ₹10,000 की आर्थिक सहायता मिल चुकी है।

26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन वाले दिन 75 लाख महिलाओं को राशि दी गई। 3 अक्टूबर को 25 लाख महिलाओं को लाभ मिला। 6 अक्टूबर को तीसरी किस्त के तहत 21 लाख महिलाओं के खाते में राशि पहुंची।

नीतीश कुमार ने कहा, “यह योजना महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक ठोस कदम है। जो महिलाएं अपने रोजगार को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाएंगी, उन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।”

‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का उद्देश्य राज्य के हर परिवार की एक महिला को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। सरकार महिलाओं को प्रारंभिक रूप से ₹10,000 की सहायता देती है ताकि वे अपनी पसंद का कोई छोटा व्यवसाय या रोजगार शुरू कर सकें।

इसके बाद अगर उनका काम सफल रहता है, तो सरकार उन्हें ₹2 लाख तक की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराएगी।

इस योजना के लिए अब तक 1.4 करोड़ महिलाओं ने आवेदन किया है, जो इसे बिहार की सबसे बड़ी महिला-केंद्रित योजनाओं में से एक बनाता है।

सीएम नीतीश कुमार ने कहा, “बिहार सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सिर्फ लाभार्थी नहीं बल्कि भागीदार बनाना है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो पूरा परिवार मजबूत होगा और राज्य का विकास तेज़ी से आगे बढ़ेगा।”

उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2005 से लेकर अब तक बिहार में महिला सशक्तिकरण के लिए लगातार बड़े कदम उठाए गए हैं, पंचायत चुनावों में 50% आरक्षण, नगर निकायों में 2007 से समान आरक्ष और सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण। आज राज्य में 1.40 करोड़ जीविका दीदियाँ स्व-सहायता समूहों के माध्यम से सक्रिय हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं।

ऊर्जा परियोजनाओं का भी शुभारंभ

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ऊर्जा विभाग की 264 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया, जिनकी कुल लागत ₹5,847.66 करोड़ है। इन परियोजनाओं में नए बिजली उपकेंद्र, ट्रांसफॉर्मर लगाना और पुराने तारों को बदलने का काम शामिल है, जिससे राज्य की बिजली व्यवस्था और मज़बूत होगी।

चुनाव से पहले ‘वोटर कनेक्ट’ की रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि महिलाओं के खातों में सीधे पैसा भेजने का यह कदम न केवल सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में है, बल्कि यह चुनाव से पहले महिला मतदाताओं को साधने का रणनीतिक प्रयास भी है। बिहार में महिलाओं का वोट शेयर लगातार निर्णायक भूमिका निभाता रहा है, और ऐसे में यह योजना चुनावी समीकरणों पर बड़ा असर डाल सकती है।

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Author: Deepak Mittal

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