Delhi blast case: दिल्ली आतंकी हमले में संलिप्त डॉ. शाहीन पर जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कस रह है। साथ ही इसमें नए-नए खुलासे भी हो रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक शाहीन की आलमारी से पुलिस को 18 लाख रुपए कैश मिले हैं। यही नहीं ब्लास्ट मामले में आगे की पूछताछ के लिए पुलिस शाहीन को लेकर उत्तर प्रदेश जा सकती है। उसके साथ डॉ. अदील को भी यूपी ले जाया जा सकता है। इस पूरे मामले में आतंकियों की बी टीम एजेंसियों की रडार पर है।
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) गुरुवार की रात डॉ. शाहीन को लेकर फरीदाबाद पहुंची जहां उसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले जाया गया। एजेंसी ने यहां पर उसकी निशानदेही कराई। NIA की टीम सबसे पहले डॉक्टर शाहीन को धौज गांव स्थित अल-फला मेडिकल कॉलेज यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची। टीम ने उसे उसी हॉस्टल बिल्डिंग में ले जाकर कमरे नंबर 22 में प्रवेश कराया, जहां वह रहती थी। शाहीन से जांच एजेंसी ने सभी प्रकार की जानकारी ली, जैसे कि वह वहां दिनभर क्या करती थी, कौन-कौन उससे मिलने आता था और किन लोगों से उसका नियमित संपर्क था। टीम ने कमरे के हर हिस्से की जांच की और उसके रूटीन से जुड़े कई सवाल पूछे।
गनई के फरीदाबाद में दो और ठिकाने थे
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए विस्फोट की जांच में पता चला है कि आतंकवादी घटना से जुड़े सफेदपोश मॉड्यूल के प्रमुख संदिग्धों में से एक डॉ. मुजम्मिल गनई के अल-फलाह विश्वविद्यालय के पास फरीदाबाद में दो और ठिकाने थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, फतेहपुर तगा और धौज में जगहें किराए पर लेने के अलावा, मुजम्मिल ने खोरी जमालपुर गांव के पूर्व सरपंच से कश्मीरी फलों का व्यवसाय शुरू करने के बहाने एक घर और एक किसान की जमीन पर एक छोटा कमरा किराए पर लिया था।
8,000 रुपये मासिक किराए पर रहा था
जुम्मा खान के इस आवास में तीन शयनकक्ष, एक हॉल और रसोईघर है। यह अल-फलाह विश्वविद्यालय से लगभग चार किलोमीटर दूर है, जहां मुजम्मिल काम करता था और जहां से जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। सूत्रों ने बताया कि मुजम्मिल अप्रैल से जुलाई के बीच यहां 8,000 रुपये मासिक किराए पर रहा था।
Author: Deepak Mittal









Total Users : 8179902
Total views : 8211161