बिलासपुर: नए साल की शुरुआत में ही रेल यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। बिलासपुर से टिटलागढ़ और टिटलागढ़ से बिलासपुर चलने वाली पैसेंजर ट्रेन को 6 जनवरी तक रद्द कर दिया गया है। ईस्ट कोस्ट रेलवे ने यह फैसला तकनीकी कार्य और ट्रैफिक ब्लॉक के चलते लिया है।
क्यों रद्द हुई पैसेंजर ट्रेन?
ईस्ट कोस्ट रेलवे के मुताबिक संबलपुर मंडल के संबलपुर–सरला स्टेशनों के बीच स्टील गर्डर लांचिंग का कार्य किया जाना है। इस कारण ट्रैफिक सह पावर ब्लॉक लिया गया है।
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3 से 5 जनवरी तक गाड़ी संख्या 58214 बिलासपुर–टिटलागढ़ पैसेंजर रद्द रहेगी
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4 से 6 जनवरी तक गाड़ी संख्या 58213 टिटलागढ़–बिलासपुर पैसेंजर भी निरस्त रहेगी
रेलवे ने यात्रियों से वैकल्पिक साधनों का उपयोग करने की अपील की है।
जमुई रेल हादसे का असर अब भी जारी
इधर, जमुई में हुए रेल हादसे के कारण भी देश के कई हिस्सों में रेल यातायात अब तक पटरी पर नहीं लौट सका है। आसनसोल मंडल के लाहाबन–सिमुलतला रेलखंड पर मालगाड़ी के पटरी से उतरने के कारण चौथे दिन मंगलवार को भी परिचालन बुरी तरह प्रभावित रहा।
एक साथ दर्जनों ट्रेनें प्रभावित
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार:
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26 ट्रेनें आसनसोल–हावड़ा मंडल में परिवर्तित
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25 ट्रेनें दानापुर मंडल से डायवर्ट
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11 ट्रेनें हावड़ा–आसनसोल मंडल में रद्द
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1 ट्रेन दानापुर मंडल से रद्द
मेन लाइन पर परिचालन शुरू नहीं होने से यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
साउथ बिहार एक्सप्रेस भी थमी
इस रेल अव्यवस्था का असर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ट्रेनों पर भी पड़ा है। दुर्ग–रायपुर–बिलासपुर होकर आरा जाने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस के संचालन पर भी असर पड़ा है, जिससे छत्तीसगढ़ के यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
यात्रियों में नाराजगी
लगातार ट्रेन रद्द होने और रूट बदलने से यात्रियों में नाराजगी देखी जा रही है। खासकर रोज़मर्रा के सफर पर निर्भर लोगों के लिए यह स्थिति किसी बड़ी परेशानी से कम नहीं है।
अब सवाल यही है—
कब पटरी पर लौटेगा रेल यातायात और कब खत्म होगी यात्रियों की यह मजबूरी?
Author: Deepak Mittal









