रायपुर: महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बार फिर ऐसा वार किया है, जिससे पूरे सट्टा नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। ED ने इस हाई-प्रोफाइल केस में कुल 91.82 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच कर ली हैं। इसमें 78 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैंक बैलेंस और करोड़ों की महंगी प्रॉपर्टी शामिल है।
विदेशी कंपनियों के नाम छिपाया गया था काला पैसा
ED की जांच में सामने आया है कि मिस परफेक्ट प्लान इन्वेस्टमेंट LLC और M/s एक्जिम जनरल ट्रेडिंग-GZCO के नाम पर रखे गए
74 करोड़ 28 लाख 87 हजार 483 रुपये के बैंक बैलेंस को अटैच किया गया है।
जांच एजेंसी का दावा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल सौरभ चंद्राकर, अनिल कुमार अग्रवाल और विकास छपारिया ने सट्टे से कमाए गए काले धन को क्लीन इन्वेस्टमेंट के रूप में दिखाने के लिए किया था।
17.5 करोड़ की प्रॉपर्टी भी कुर्क
ED ने इसके अलावा 17.5 करोड़ रुपये की अचल संपत्तियां भी अटैच की हैं, जो गगन गुप्ता और उसके परिजनों के नाम पर दर्ज थीं।
गगन गुप्ता को Skyexchange.com के मालिक हरि शंकर तिबरेवाल का करीबी बताया जा रहा है। एजेंसी के मुताबिक, ये महंगी प्रॉपर्टियां और लिक्विड एसेट्स नकद में कमाए गए अवैध पैसों से खरीदी गई थीं।
2600 करोड़ तक पहुंचा जब्त संपत्तियों का आंकड़ा
ED ने अब तक इस केस में
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175 से ज्यादा ठिकानों पर छापेमारी
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करीब 2600 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां जब्त, फ्रीज या अटैच
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13 लोगों की गिरफ्तारी
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और 5 प्रॉसिक्यूशन शिकायतों में 74 कंपनियों को आरोपी बनाया है
अभी और बड़े खुलासों के संकेत
महादेव सट्टा केस में जिस तरह एक-एक कर परतें खुल रही हैं, उससे साफ है कि यह सिर्फ शुरुआत है। जांच एजेंसियों के रडार पर अब भी कई बड़े नाम बताए जा रहे हैं। सवाल यही है—
अगला नंबर किसका होगा?
Author: Deepak Mittal










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