“एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” के संकल्प के साथ सशस्त्र बलों ने मनाया 11वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

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नई दिल्ली, 21 जून :देशभर में सशस्त्र बलों ने शनिवार को 11वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस-2025 के अवसर पर व्यापक योग कार्यक्रमों का आयोजन किया। “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” की थीम पर आधारित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाना था, बल्कि पर्यावरण और समाज के प्रति भी संतुलन का संदेश देना था।

सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने देश की सीमाओं और आंतरिक क्षेत्रों में फैली अपनी सभी इकाइयों में योग दिवस पर विशेष आयोजन किए। बल मुख्यालय, नई दिल्ली में आयोजित प्रमुख योग सत्र में एसएसबी महानिदेशक अमृत मोहन प्रसाद, वरिष्ठ अधिकारी एवं सैकड़ों कार्मिकों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर एसएसबी महानिदेशक प्रसाद ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवनशैली है जो शारीरिक, मानसिक और आत्मिक संतुलन प्रदान करती है। एसएसबी अपने कार्मिकों की कार्यक्षमता और स्वास्थ्य सुधार के लिए योग को निरंतर बढ़ावा देता रहेगा।

इस अवसर पर एसएसबी ने “एकीकृत योग चिकित्सा” कार्यक्रम की भी घोषणा की। यह पहल विशेष रूप से उच्च रक्तचाप, मधुमेह व मोटापा जैसी जीवनशैली संबंधी बीमारियों के इलाज के लिए शुरू की गई है। यह योजना केंद्रीय योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान परिषद के सहयोग से बल की सभी इकाइयों में लागू की जाएगी।

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने भी 430 से अधिक इकाइयों में जून माह भर योग गतिविधियों का संचालन कर इस दिवस को भव्य रूप में मनाया। देशभर के ऐतिहासिक स्थलों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित योग सत्रों में हजारों कार्मिकों, उनके परिवारजनों, स्कूली छात्रों और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। दिल्ली स्थित सीजीओ कॉम्प्लेक्स में आयोजित योग सत्र में एडीजी (मुख्यालय) पद्माकर रणपीसे समेत 100 से अधिक कार्मिकों ने हिस्सा लिया।

सीआईएसएफ ने इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य” को आत्मसात करते हुए इसे अपनी प्रशिक्षण प्रक्रियाओं और स्वास्थ्य पहल का हिस्सा बनाया है। बल द्वारा यात्रियों के लिए विमान में सरल योग अभ्यासों की योजना भी विचाराधीन है।

दिल्ली पुलिस के रोहिणी जिला में भी योग दिवस पर जोरदार आयोजन हुआ। जिला स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में महिला पुलिसकर्मियों सहित कुल 570 कर्मियों ने भाग लिया। रोहिणी के सभी उपमंडलों में योग सत्रों का आयोजन किया गया, जहां पुलिस अधिकारियों को योग के लाभों की जानकारी दी गई।

रोहिणी जिले के पुलिस उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा कि पुलिसकर्मी लगातार तनाव, लंबी ड्यूटी और मानसिक दबाव से जूझते हैं। योग को जीवनशैली में शामिल करना इन चुनौतियों से निपटने में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। इस तरह योग दिवस 2025 ने न केवल सशस्त्र बलों और पुलिस बलों में अनुशासन व सामूहिक स्वास्थ्य को बढ़ावा दिया, बल्कि “स्वस्थ कर्मी, सक्षम राष्ट्र” की दिशा में एक ठोस कदम भी सिद्ध हुआ।

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Author: Deepak Mittal

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