नई दिल्ली: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन “साइबर-आधारित धोखाधड़ी से निपटना और इसके तंत्र को खत्म करना” में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की नई साइबर अपराध शाखा का उद्घाटन किया और CBI अधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह की अध्यक्षता भी की।
गृह मंत्री ने इस अवसर पर गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के स्टेट साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (S4C) डैशबोर्ड का भी शुभारंभ किया। कार्यक्रम में केंद्रीय गृह सचिव, डीओपीटी सचिव, खुफिया ब्यूरो के निदेशक, CBI निदेशक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
अपने संबोधन में अमित शाह ने सम्मेलन के आयोजन के लिए CBI और I4C की सराहना करते हुए कहा कि साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सभी सरकारी एजेंसियों का आपसी समन्वय बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि I4C, राज्य पुलिस, CBI, NIA, ED, दूरसंचार विभाग, बैंकिंग सेक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), RBI और न्यायपालिका मिलकर साइबर अपराध के खिलाफ लगातार प्रयास कर रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि हर संस्था की भूमिका अहम है और ठोस परिणाम पाने के लिए सभी हितधारकों के बीच घनिष्ठ सहयोग आवश्यक है। उन्होंने CBI और I4C की इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विभिन्न विभागों को जोड़कर साइबर अपराध के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में डिजिटल इंडिया की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जहां 11 साल पहले देश में करीब 25 करोड़ इंटरनेट यूजर्स थे, वहीं आज यह संख्या 1 अरब के पार पहुंच चुकी है। ब्रॉडबैंड कनेक्शन में लगभग 16 गुना वृद्धि हुई है और डेटा की लागत में 97 प्रतिशत तक कमी आई है।
उन्होंने भारतनेट परियोजना का जिक्र करते हुए बताया कि पहले जहां केवल 546 ग्राम पंचायतें इससे जुड़ी थीं, वहीं अब 2 लाख से अधिक पंचायतें डिजिटल कनेक्टिविटी से जुड़ चुकी हैं। अमित शाह ने बताया कि 2024 में भारत में 181 अरब से ज्यादा डिजिटल लेनदेन हुए, जिनकी कुल कीमत 233 ट्रिलियन रुपये से अधिक रही।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि साइबर सुरक्षा अब सिर्फ आर्थिक सुरक्षा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध, जो पहले व्यक्तिगत स्तर पर होते थे, अब संस्थागत रूप ले चुके हैं और अपराधी लगातार नई तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
गृह मंत्री ने सभी संबंधित एजेंसियों से अपील की कि वे साइबर अपराध की चुनौतियों को गहराई से समझें और कमजोरियों को दूर करने के लिए समन्वित व ठोस प्रयास करें, ताकि डिजिटल भारत को सुरक्षित बनाया जा सके।
Author: Deepak Mittal










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