रायपुर: मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता कर दावा किया कि योजना के तहत होने वाले आयोजन में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
सुबोध हरितवाल ने बताया कि 10 फरवरी को साइंस कॉलेज मैदान में प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों में नियमों को ताक पर रखा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोजन के लिए आवश्यक निविदा (टेंडर) प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, जबकि नियमानुसार CSIDC के माध्यम से कंपनियों से टेंडर आमंत्रित किए जाने चाहिए थे।
उन्होंने कहा कि 4 फरवरी को केवल पांच कंपनियों को आमंत्रित किया गया और उन्हें महज 24 घंटे के भीतर डिजाइन प्रेजेंटेशन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। सुबोध हरितवाल ने सवाल उठाया कि ऐसा कौन-सा डिजाइन और लेआउट है, जो पहले से ही स्वीकृत प्रतीत हो रहा है।
“जंबूरी जैसा हो रहा भ्रष्टाचार”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि बिना टेंडर के ही साइंस कॉलेज मैदान में काम शुरू कर दिया गया है, जबकि आयोजन पर 5 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम में करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं और निविदा प्रक्रिया नहीं अपनाई गई, तो यह साफ तौर पर भ्रष्टाचार है। सुबोध हरितवाल ने इसे “जंबूरी भ्रष्टाचार 2.0” बताते हुए कहा कि जिस तरह जंबूरी आयोजन में अनियमितताएं सामने आई थीं, वैसी ही गड़बड़ियां यहां भी हो रही हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
सुबोध हरितवाल ने यह भी सवाल उठाया कि साइंस कॉलेज मैदान प्रशासन की ओर से कार्य आमतौर पर वर्क ऑर्डर के तहत दिया जाता है, ऐसे में क्या पहले ही वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है। कांग्रेस ने महिला एवं बाल विकास विभाग को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि विभाग की संलिप्तता के बिना यह संभव नहीं है।
कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
Author: Deepak Mittal










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