महासमुंद। खैर लकड़ी के अवैध परिवहन और फर्जी एनओसी के जरिए धोखाधड़ी के मामले में महासमुंद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी मनीष अग्रवाल के मकान से 81 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं। पुलिस ने जप्त नकदी को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 107 के तहत कुर्की की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के मामले में थाना पिथौरा में अपराध क्रमांक 172/2026 दर्ज किया गया है। मामले में करीब 23,350 किलोग्राम खैर लकड़ी के अवैध परिवहन के लिए एनटीपीएस (NTPS) एनओसी में कूटरचना कर उसे असली दस्तावेज के रूप में उपयोग करने और धोखाधड़ी किए जाने का आरोप है।
मामले में बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ भारतीय वन अधिनियम, 1927 के प्रावधानों के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, सरसींवा स्थित मकान की तलाशी के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद महासमुंद पुलिस ने 7 सितंबर को ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ स्थित आरोपी के मकान में दबिश दी।
पुलिस ने मकान के केयरटेकर और गवाहों की मौजूदगी में तलाशी ली। तलाशी के दौरान एक थैले से 500 रुपये के नोटों की 162 गड्डियां बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार, थैले में 500-500 रुपये के कुल 16,200 नोट पाए गए, जिनकी कुल कीमत 81 लाख रुपये है।

पुलिस ने मौके पर बरामद 81 लाख रुपये की नकदी को विधिवत जब्त कर लिया है। महासमुंद पुलिस का कहना है कि जप्त राशि को अपराध से अर्जित संपत्ति मानते हुए बीएनएसएस की धारा 107 के तहत न्यायालय में कुर्की के लिए आवेदन प्रस्तुत किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, कार्रवाई का उद्देश्य आरोपी को अपराध से अर्जित आर्थिक लाभ से वंचित करते हुए उसके खिलाफ समुचित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मामले में बीएनएस और भारतीय वन अधिनियम के तहत दर्ज अपराध की विवेचना जारी है।
Author: Deepak Mittal










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