महतारी वंदन सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री साय ने दी विकास कार्यों की सौगात

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631 करोड़ से अधिक की राशि 67 लाख से ज्यादा हितग्राहियों के खातों में अंतरित, 102 करोड़ के विकास कार्यों का भूमिपूजन-लोकार्पण

बालोद, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को डौण्डीलोहारा के लाल रघुवीर सिंह स्टेडियम में आयोजित महतारी वंदन सम्मान समारोह में प्रदेश की माताओं-बहनों और बालोद जिलेवासियों को कई विकास कार्यों की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने राज्य के 67 लाख 28 हजार 918 हितग्राहियों के खातों में महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ 38 लाख 37 हजार 700 रुपये की राशि अंतरित की। इनमें बालोद जिले के 2 लाख 45 हजार 28 हितग्राही शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने ढाई वर्ष के कार्यकाल में मोदी की गारंटी के तहत किए गए वायदों को पूरा करते हुए विकास कार्यों को गति दी है।

 

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डौण्डीलोहारा को मिली कई बड़ी सौगात

मुख्यमंत्री ने नगर पंचायत डौण्डीलोहारा में सर्वसुविधायुक्त ऑडिटोरियम निर्माण, खरखरा जलाशय में लिफ्ट इरिगेशन, पूरक नहर के जीर्णोद्धार एवं पुनर्निर्माण तथा धनगांव जलाशय की नहर रिमॉडलिंग सहित विभिन्न कार्यों की घोषणा की। मस्जिद चौक से शास्त्री नगर मार्ग पर 5 करोड़ रुपये की लागत से पुलिया निर्माण तथा संबलपुर से भीमकन्हार-मुड़िया मार्ग के लिए 19 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा भी की गई।

समारोह में मुख्यमंत्री ने लगभग 102 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इनमें 3.2 करोड़ रुपये की लागत से 12 किलोमीटर लंबे उमरादाह-निपानी मार्ग, 26 करोड़ रुपये के अर्जुंदा-ओडारसकरी मार्ग तथा 2.5 करोड़ रुपये के बालोद-पिकरीपार मार्ग सहित अन्य विकास कार्य शामिल हैं।

महतारी वंदन से महिलाओं को मिल रहा आत्मनिर्भरता का आधार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पिछले ढाई वर्षों में हितग्राहियों के खातों में करीब 20 हजार करोड़ रुपये की राशि अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की पांच हितग्राही महिलाओं से संवाद कर उनके अनुभव जाने। डौण्डीलोहारा निवासी जुही सोनी ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि के सहारे उन्होंने ब्यूटी पार्लर और सिलाई मशीन का काम शुरू किया, जिससे उन्हें प्रतिमाह 6 से 7 हजार रुपये की आय हो रही है। वहीं ग्राम हरदी की भूमिका साहू ने सीमेंट के गमले एवं तुलसी चौरा बनाने का कार्य शुरू कर करीब 10 हजार रुपये प्रतिमाह आय अर्जित करने की जानकारी दी।

ग्राम कोरगुड़ा की सरोज देवांगन ने महतारी वंदन की राशि से आटा चक्की शुरू करने की बात कही, जबकि ग्राम तुड़मुड़ा की बसंती बाई ने योजना की राशि से छोटा व्यवसाय शुरू कर चना, फल्ली सहित खाद्य सामग्री बेचने से 5 से 6 हजार रुपये प्रतिमाह आय होने की जानकारी दी।

13.85 लाख महिलाओं को बनाया गया लखपति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। राज्य में अब तक लक्ष्य से अधिक 13 लाख 85 हजार महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में सफलता मिली है। ड्रोन दीदियां भी कृषि क्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से खाद एवं बीज का छिड़काव कर आय अर्जित कर रही हैं।

उन्होंने राज्य सरकार की अन्य योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी, रामलला दर्शन योजना, 5500 रुपये मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदी तथा भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए संचालित योजनाओं से लोगों को लाभ मिल रहा है।

महिलाओं को बांटे सुपोषण किट और मुनगा पौधे

समारोह में महिलाओं को सुपोषण किट और मुनगा पौधों का वितरण भी किया गया। बालोद जिला प्रशासन के कुपोषण मुक्ति अभियान के तहत मुनगा पौधों के माध्यम से माताओं एवं बच्चों को पोषण संबंधी लाभ पहुंचाने की पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से विकास की इस यात्रा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कांकेर लोकसभा सांसद भोजराज नाग, पूर्व सांसद सरोज पांडे, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक किरण गंगा राम चव्हाण, अधिकारी, महतारी वंदन योजना के हितग्राही तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं नागरिक उपस्थित रहे।

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Author: Deepak Mittal

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