पेपर लीक मामले में मंत्री नेताम ने दिखाई सख्ती, जांच समिति गठित

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रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में बीएससी द्वितीय वर्ष के एंटोमोलॉजी विषय का प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना के बाद कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंत्री के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच समिति गठित करने के साथ ही मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।

जानकारी के अनुसार, परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को मिली। सुबह करीब 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना प्राप्त होने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुबह 10:30 बजे परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया।

मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया के माध्यम से मिला है जो वायरल हो रहा है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना अत्यंत गंभीर है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने यह भी कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी।

उधर, प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर NSUI ने भी विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। NSUI का आरोप है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सऐप ग्रुप में वायरल हुआ, जिसके चलते छात्रों में भारी नाराजगी है। संगठन ने दोषियों पर कार्रवाई के साथ कुलपति एवं परीक्षा प्रभारी की जवाबदेही तय करने और कुलपति के इस्तीफे की मांग की है।

NSUI द्वारा विद्यार्थियों के आने-जाने में हुए खर्च की भरपाई की मांग भी की गई है। संगठन ने मामले को लेकर 21 अगस्त को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का घेराव कर आंदोलन करने की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय में प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर की जाती है तथा प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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Author: Deepak Mittal

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