अब 12 महीने बाद ही निकलेगी पूरी रकम, 20 दिन में होगा क्लेम सेटलमेंट
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने EPF, EPS और EDLI से जुड़े नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य PF खाताधारकों के लिए निकासी प्रक्रिया को आसान बनाना, सेवाओं को डिजिटल बनाना और PF क्लेम का तेजी से निपटारा करना है।
नए नियमों के तहत कर्मचारी का वैधानिक PF योगदान बेसिक सैलरी का 12% बना रहेगा। वहीं, ₹15,000 मासिक वेतन की सीमा के आधार पर कर्मचारी का अनिवार्य योगदान अधिकतम ₹1,800 प्रति माह होगा। इससे अधिक वेतन पर अतिरिक्त PF योगदान कुछ परिस्थितियों में स्वैच्छिक हो सकता है।
तीन श्रेणियों में PF निकासी
PF निकासी से जुड़े अलग-अलग नियमों को सरल बनाते हुए पात्र निकासी को तीन प्रमुख श्रेणियों में रखा गया है—जरूरी जरूरतें, घर से जुड़ी जरूरतें और विशेष परिस्थितियां। इससे खाताधारकों के लिए पात्रता और निकासी प्रक्रिया को समझना आसान होगा।
75% तक आंशिक निकासी की सुविधा
नए प्रावधानों के तहत PF खाते में 25% राशि न्यूनतम बैलेंस के रूप में सुरक्षित रखने की व्यवस्था है, जबकि पात्र सदस्य निर्धारित शर्तों के तहत 75% तक राशि की आंशिक निकासी कर सकेंगे। इसका उद्देश्य जरूरत के समय आर्थिक मदद देने के साथ रिटायरमेंट के लिए PF की कुछ राशि सुरक्षित रखना है।
नौकरी छोड़ने पर पूरी PF रकम के लिए 12 महीने इंतजार
सबसे अहम बदलाव नौकरी छोड़ने के बाद PF की पूरी रकम निकालने से जुड़ा है। पहले लगातार 2 महीने बेरोजगार रहने के बाद पूरी PF रकम निकालने की सुविधा थी। नए नियमों के तहत अब पूरी रकम निकालने के लिए 12 महीने की बेरोजगारी का इंतजार करना होगा। हालांकि, पात्रता के अनुसार आंशिक निकासी की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
नॉमिनेशन होगा डिजिटल
EPFO ने नॉमिनेशन प्रक्रिया को भी डिजिटल बनाने पर जोर दिया है। फिजिकल नॉमिनेशन फॉर्म की जगह ऑनलाइन नॉमिनेशन को बढ़ावा दिया गया है। इससे नॉमिनी की जानकारी अपडेट करना और रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखना आसान होगा।
20 दिन में PF क्लेम का निपटारा
नए नियमों में PF क्लेम के निपटारे की समयसीमा 20 दिन निर्धारित की गई है। बिना वैध कारण क्लेम में देरी होने पर 12% की दर से पेनल इंटरेस्ट का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य क्लेम सेटलमेंट में तेजी लाना और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
कुल मिलाकर, EPFO के नए नियमों में डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने के साथ PF निकासी को सरल बनाने और रिटायरमेंट बचत को सुरक्षित रखने पर जोर दिया गया है। कर्मचारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बदलाव नौकरी छोड़ने के बाद पूरी PF रकम निकालने की अवधि का 2 महीने से बढ़कर 12 महीने होना और क्लेम सेटलमेंट की 20 दिन की समयसीमा है।
Author: Deepak Mittal









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