एलपीजी गबन मामले में ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक गिरफ्तार

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महासमुंद, 28 मई। बहुचर्चित एलपीजी गबन मामले में फरार चल रहे ठाकुर पेट्रोकेमिकल के मालिक संतोष सिंह ठाकुर और उनके पुत्र सार्थक सिंह ठाकुर को महासमुंद पुलिस ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए कई मोबाइल व सिम कार्ड बदल चुके थे।


पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे मामले का मुख्य षड्यंत्रकारी जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव था, जबकि पंकज चंद्राकर ने डील मेकर की भूमिका निभाई। वहीं मनीष चौधरी ने विभिन्न एजेंसियों के बीच मध्यस्थता की थी। प्रारंभिक स्तर पर गबन के सौदे के लिए 1 करोड़ 30 लाख रुपए की मांग की गई थी, जो बाद में मोलभाव के बाद 90 लाख रुपए में तय हुई।


पुलिस ने बताया कि आरोपियों की तलाश में चार अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। रायपुर, कवर्धा, कोलकाता, पुणे, मुंबई और कोल्हापुर सहित कई शहरों में दबिश दी गई। 11 शहरों के टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), टोल प्लाजा डेटा, वित्तीय लेन-देन और सोशल मीडिया विश्लेषण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचा गया।


जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुपुर्दनामे के 11 दिन पहले, 19 मार्च से ही गबन की साजिश रची जा चुकी थी। आरोपियों ने मिलीभगत कर एलपीजी कैप्सूल का तौल समय पर नहीं कराया और सभी टैंकरों को जल्दी खाली करवा दिया। बाद में 6 से 8 अप्रैल के बीच कथित तौर पर फर्जी तौल पंचनामा तैयार किया गया, जिसमें मुख्य षड्यंत्रकारियों को ही गवाह बनाया गया।


पुलिस के अनुसार आपदा की स्थिति का फायदा उठाते हुए गबन की गई एलपीजी गैस को करीब 20 एजेंसियों और संस्थानों को बिना जीएसटी और कच्चे बिलों पर ऊंचे दामों में बेचा गया। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि अप्रैल माह में 40 टन एलपीजी की खरीदी के मुकाबले 135 टन गैस की बिक्री दिखाई गई।


मामले की शुरुआत थाना सिंघोडा में दिसंबर 2025 में जप्त छह एलपीजी गैस से भरे कैप्सूल ट्रकों से हुई थी। भीषण गर्मी और सुरक्षा कारणों से इन ट्रकों को सुरक्षित रखने के लिए ठाकुर पेट्रोकेमिकल्स, उरला रायपुर के सुपुर्द किया गया था। बाद में जांच में पाया गया कि करीब 87 टन एलपीजी गैस, जिसकी कीमत लगभग 77 लाख रुपए बताई गई है, का आपराधिक न्यास भंग और गबन किया गया।


पुलिस ने इस मामले में अब तक जिला खाद्य अधिकारी अजय यादव, पंकज चंद्राकर, मनीष चौधरी और निखिल वैष्णव सहित कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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Author: Deepak Mittal

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