हैदराबाद से संचालित आईपीएल सट्टा गिरोह का भंडाफोड़, 13 सटोरिये गिरफ्तार

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करोड़ों के ट्रांजेक्शन का खुलासा, मास्टरमाइंड समेत कई आरोपी पुलिस गिरफ्त में

दुर्ग। आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे के खिलाफ दुर्ग पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने हैदराबाद से संचालित अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में करोड़ों रुपये के लेनदेन का खुलासा हुआ है, वहीं गिरोह द्वारा संचालित म्यूल अकाउंट्स और संपत्तियों की भी जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने संगठित अपराध की धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए मामले की जांच तेज कर दी है।

पुलिस के अनुसार, 16 मई 2026 को थाना छावनी एवं एसीसीयू की संयुक्त टीम ने जावेद अख्तर और आभास जायसवाल को विभिन्न बैंक खातों के साथ गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे स्लम एरिया और अन्य लोगों के नाम से बैंक खाते खुलवाकर, सिम कार्ड, एटीएम, पासबुक और चेकबुक इकट्ठा करते थे। इन खातों को ढांचा भवन कुरूद निवासी कुणाल वर्मा को 25 हजार रुपये प्रति खाते के हिसाब से बेचा जाता था।

जांच में सामने आया कि कुणाल वर्मा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा पैनल खरीदकर म्यूल अकाउंट्स के जरिए करोड़ों रुपये का लेनदेन करता था। वह स्वयं “सैट स्पोर्ट बुक” नामक ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म संचालित कर रहा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हैदराबाद के अल्फापुरम स्थित एसएस रेसिडेंसी और शमशाबाद की नक्षत्र सोसायटी में दबिश देकर गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 9 लैपटॉप, 46 मोबाइल फोन, 23 पासबुक, 107 एटीएम कार्ड, करीब 20 सिम कार्ड और 2 लाख 57 हजार रुपये नकद जब्त किए हैं। प्रारंभिक जांच में विभिन्न बैंक खातों में करीब 5 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन मिलने की जानकारी सामने आई है। इन खातों से जुड़े 63 साइबर शिकायतें भी दर्ज पाई गई हैं।

पुलिस के मुताबिक, कुणाल वर्मा पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, जो सट्टा पैनल खरीदकर बैंक खातों और म्यूल अकाउंट्स की व्यवस्था करता था। अब पुलिस उसके ऊपर के नेटवर्क और चैनल की भी जांच कर रही है। मामले में संगठित अपराध की धाराएं जोड़ी गई हैं तथा अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

दुर्ग पुलिस ने बताया कि आईपीएल सीजन 2026 में ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ अब तक कुल 14 बड़ी कार्रवाई की जा चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी जल्द की जाएगी।

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Author: Deepak Mittal

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