पश्चिम बंगाल की सीएम और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उनकी भवानीपुर सीट से उम्मीदवारी रद्द कराने की साजिश रची गई थी। शनिवार को पश्चिम मेदिनीपुर के केशियारी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारती जनता पार्टी ने कथित तौर पर चुनाव आयोग की मदद से उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और आम जनता ने इस प्रयास को विफल कर दिया।
ममता ने भाजपा पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वोटर लिस्ट से 90 लाख मतदाताओं के नाम ”जबरन” हटाने का आरोप भी लगाया। ममता बनर्जी के सामने भवानीपुर सीट से विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी चुनाव लड़ रहे हैं।
बनर्जी ने विस्तार से बताए बिना कहा, ”भाजपा ने निर्वाचन आयोग की मदद से मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज कराने की कोशिश कर भवानीपुर से मेरी उम्मीदवारी रद्द कराने का प्रयास किया लेकिन हमने उसकी साजिश नाकाम कर दी।
ममता ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि उसमें लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़ने और जीतने का साहस नहीं है, इसलिए वह फर्जी तरीकों से जबरन वोट कब्जाने की साजिश रच रही है।” बनर्जी ने कहा, ”इसीलिए वे मतदाताओं के नाम हटा रहे हैं। वे परिणाम अपने पक्ष में करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में भी छेड़छाड़ की योजना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा चुनावों में भाजपा की करारी हार और बाद में दिल्ली में उसके सत्ता से बेदखल होने के बाद न्याय देर-सवेर अवश्य मिलेगा। उन्होंने कहा, एसआईआर प्रक्रिया के कारण 250 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
हटाए गए 90 लाख मतदाताओं में 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम हैं। क्या बांग्ला बोलने से हम भारतीय नहीं रह जाते? क्या हमें बार-बार अपनी नागरिकता साबित करने की जरूरत है?
पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने पर समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने के भाजपा के वादे पर बनर्जी ने कहा कि पार्टी यूसीसी के जरिए लोगों पर अपना फरमान थोपना चाहती है।
उन्होंने कहा, यह पिछड़े समुदायों के खिलाफ होगा और इसका उद्देश्य लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीनना है। हम पश्चिम बंगाल में इसे लागू नहीं होने देंगे। राज्य में हमारी लगातार चौथी जीत के बाद जब भाजपा अंतत: दिल्ली की सत्ता से हटा दी जाएगी तो हम इसे रद्द कर देंगे।
Author: Deepak Mittal









