राज्य के आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने हाउसिंग बोर्ड में बड़ा सुधार लागू किया है। इस रिफॉर्म के तहत बोर्ड के नाम और काम—दोनों में अहम बदलाव किया गया है।
अब तक स्टेट हाउसिंग बोर्ड का मुख्य कार्य सरकार से जमीन लेकर उस पर आवास निर्माण कर लोगों को मकान उपलब्ध कराना था। लेकिन नए संशोधन के बाद हाउसिंग बोर्ड की भूमिका काफी विस्तृत हो गई है।
अब यह बोर्ड पीडब्ल्यूडी और आरईएस की तर्ज पर निर्माण कार्य भी करेगा।
इसके साथ ही, हाउसिंग बोर्ड अब निजी पार्टियों से जमीन खरीदेगा, उसे विकसित करेगा और आम लोगों को सस्ती दरों पर सर्वसुविधायुक्त प्लॉट उपलब्ध कराएगा।
इतना ही नहीं, हाउसिंग बोर्ड को अब कई अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं, जिससे उसकी भूमिका एक डेवलपर एजेंसी के रूप में और मजबूत होगी।
इस पूरे रिफॉर्म की खास बात इसकी तेजी है। गुरुवार को विधानसभा में हाउसिंग बोर्ड संशोधन विधेयक 2026 पारित हुआ और महज 24 घंटे के भीतर इसका राजपत्र में प्रकाशन भी कर दिया गया।
यानि अब हाउसिंग बोर्ड सिर्फ घर बनाने वाली संस्था नहीं, बल्कि जमीन विकास और निर्माण कार्यों में भी अहम भूमिका निभाने वाला एक सशक्त निकाय बन गया है।
Author: Deepak Mittal










Total Users : 8170185
Total views : 8198397