जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में वन अमले की बड़ी कार्रवाई
बालोद जिले में अवैध काष्ठ कारोबार पर करारा प्रहार, आधा दर्जन आरा मिलों का औचक निरीक्षण — दो आरा मशीनें सील
बालोद | 2 मार्च 2026,,होली पर्व के ठीक एक दिन पूर्व वन विभाग की “दे दनादन” कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों के बीच जबरदस्त हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही छापेमारी और सख्त कदमों के चलते कई लोग भूमिगत हो गए हैं, कुछ लोग क्षेत्र से गायब बताए जा रहे हैं, तो कई व्यापारियों ने अपने-अपने अवैध संस्थानों को बंद कर लिए हैं। पूरे जिले में वन विभाग की सक्रियता और सख्ती का स्पष्ट संदेश दिखाई देने लगा है कि अब अवैध काष्ठ कारोबार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वनमंडल बालोद के अंतर्गत आज वन अमला द्वारा अवैध काष्ठ कारोबार के विरुद्ध एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की गई। जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल के कुशल नेतृत्व, स्पष्ट दिशा-निर्देशन और सतत निगरानी में वन विभाग की उड़ान दस्ता एवं क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने आधा दर्जन आरा मिलों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान गुण्डरदेही सर्किल के अर्जुंदा क्षेत्र में ग्राम अर्जुन्दा स्थित सत्य सांई मिल तथा ग्राम मटेवा स्थित हरिओम सॉ मिल में प्रतिबंधित प्रजाति के काष्ठ का अवैध रूप से उपयोग पाया गया। गंभीर अनियमितताओं को देखते हुए दोनों आरा मशीनों को तत्काल सील कर दिया गया।
अवैध काष्ठ का बड़ा भंडारण उजागर
जांच के दौरान मिल परिसरों एवं समीपवर्ती खेतों में अर्जुन प्रजाति की लकड़ी भारी मात्रा में पाई गई, जो बिना किसी वैध अनुज्ञप्ति (परमिट) के संग्रहित थी। यह भी सामने आया कि लंबे समय से क्षेत्र में अवैध कटाई और परिवहन की गतिविधियाँ चल रही थीं। इस पर राजस्व विभाग एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
उल्लेखनीय है कि कुछ समय से राजस्व भूमि से कहुवा वृक्षों की अवैध कटाई की लगातार सूचनाएँ सामने आ रही थीं। पूर्व में विभाग द्वारा अवैध परिवहन में संलिप्त कई ट्रकों को भी जप्त किया जा चुका है। गुण्डरदेही–अर्जुंदा क्षेत्र को संवेदनशील मानते हुए अब विशेष अभियान चलाकर अवैध काष्ठ का उपयोग कर रही आरा मिलों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
अभियान को मिल रही व्यापक सराहना
वन विभाग की इस सशक्त, साहसिक और लगातार जारी कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में व्यापक प्रशंसा हो रही है। ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे वन संरक्षण की दिशा में निर्णायक कदम बताया है। जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम अब एक मॉडल एक्शन अभियान के रूप में देखी जा रही है, जो पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल कहते हैं कि “वन संपदा की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अवैध कटाई, परिवहन और काष्ठ के अवैध उपयोग के विरुद्ध शून्य सहनशीलता की नीति पर काम किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। आगे भी इस प्रकार की सघन और निरंतर कार्रवाई जारी रहेगी। वन कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”
लगातार जारी रहेगी सख्ती
जिला वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में वन अमला पूरी तत्परता, प्रतिबद्धता और रणनीतिक योजना के साथ कार्य कर रहा है। पूर्व में भी कई प्रभावी कार्रवाइयाँ की जा चुकी हैं और आने वाले दिनों में अवैध काष्ठ कारोबार से जुड़े पूरे नेटवर्क पर और अधिक कड़ी चोट करने की रणनीति तैयार है।
यह कार्रवाई न केवल कानून का पालन सुनिश्चित करती है, बल्कि वन संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा की दिशा में एक मजबूत और स्पष्ट संदेश भी देती है कि बालोद जिले में अवैध गतिविधियों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Author: Deepak Mittal










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