काबुल: दक्षिण एशिया के दो पड़ोसी देशों Pakistan और Afghanistan के बीच बढ़ा सीमा विवाद अब बड़े सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। शुक्रवार तड़के पाकिस्तान वायुसेना ने अफगानिस्तान की राजधानी Kabul समेत Kandahar और Paktia में भीषण हवाई हमले किए।
पाकिस्तान ने इस सैन्य कार्रवाई को ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ (Operation Ghazab lil-Haq) नाम दिया है। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, इस अभियान में 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं।
देर रात गूंजे धमाके
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार तड़के करीब 1:50 बजे काबुल के आसमान में लड़ाकू विमानों की आवाज और सिलसिलेवार कम से कम आठ जोरदार धमाकों से शहर दहल उठा। धमाकों की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई इलाकों में घरों की खिड़कियां तक हिल गईं।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने पुष्टि करते हुए कहा कि हमलों में तालिबान के रक्षा ठिकानों, गोला-बारूद डिपो और रसद केंद्रों को निशाना बनाया गया।
भारी नुकसान का दावा
पाकिस्तानी सरकार ने दावा किया है कि इस ऑपरेशन में अफगान तालिबान को बड़ा नुकसान हुआ है। जारी विवरण के अनुसार:
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2 कोर मुख्यालय और 3 ब्रिगेड मुख्यालय ध्वस्त
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27 चौकियां पूरी तरह तबाह
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80 से अधिक टैंक, तोपें और बख्तरबंद वाहन नष्ट
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9 सीमा चौकियों पर नियंत्रण का दावा
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हो सकी है।
कैसे बढ़ा तनाव?
बताया जा रहा है कि तनाव की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के भीतर कथित हवाई हमलों के जवाब में कार्रवाई की थी। काबुल की ओर से दावा किया गया था कि डूरंड लाइन पर पाकिस्तान की 15 से अधिक चौकियों पर कब्जा कर लिया गया और 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
पाकिस्तान ने इन दावों को ‘उकसावे वाली कार्रवाई’ बताते हुए इसे करारा जवाब करार दिया। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि देश अपनी क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस संघर्ष पर टिकी हैं, क्योंकि हालात और बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
Author: Deepak Mittal










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