उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को टोक्यो में आयोजित एक निवेश रोडशो में जापानी उद्यमियों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि राज्य निवेशकों को “स्केल, स्किल, स्टेबिलिटी और स्पीड” प्रदान करता है, जो औद्योगिक विकास के लिए आदर्श वातावरण तैयार करता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास बनेगी जापान इंडस्ट्रियल सिटी
मुख्यमंत्री ने जापानी कंपनियों को भरोसा दिलाया कि उन्हें Noida International Airport के पास प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल सिटी में विशेष सुविधाएं मिलेंगी। YEIDA क्षेत्र में 500 एकड़ से अधिक भूमि विशेष रूप से जापानी निवेशकों के लिए आरक्षित की जा रही है, ताकि बेहतर कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स और निर्यात सुविधाओं के साथ क्लस्टर आधारित विकास हो सके।
25 करोड़ की आबादी, बड़ा उपभोक्ता बाजार
मुख्यमंत्री ने कहा, “25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार है। जितनी अधिक आबादी, उतनी अधिक चुनौतियां और उतने ही अधिक अवसर।” उन्होंने बताया कि पिछले नौ वर्षों में राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रति व्यक्ति आय लगभग तीन गुना बढ़ी है।
प्रमुख सेक्टरों में साझेदारी का प्रस्ताव
आदित्यनाथ ने डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी, टूरिज्म और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में जापान के साथ वैश्विक साझेदारी का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि राज्य में मीठे पानी के प्रचुर संसाधन हैं, जो कृषि के साथ-साथ ग्रीन हाइड्रोजन जैसे उभरते क्षेत्रों को भी समर्थन दे सकते हैं।
इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क विकसित कर रहा है और यह ईस्टर्न व वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जंक्शन है। एक्सप्रेसवे के किनारे 27 औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं।
राज्य में 16 एयरपोर्ट संचालित हैं, जिनमें चार अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे शामिल हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के चालू होने के बाद राज्य की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि भारत की 55% मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और लगभग 60% इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट उत्पादन उत्तर प्रदेश में होता है। राज्य के पास 75,000 एकड़ का लैंड बैंक है, जबकि झांसी के पास बुंदेलखंड क्षेत्र में 56,000 एकड़ में नई इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जा रही है।
निवेश प्रस्ताव और MSME सेक्टर
2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य को 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू हो चुकी हैं और 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रक्रियाधीन हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगभग 96 लाख MSME इकाइयां संचालित हैं, जो 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं। नई इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए 1,000 दिनों तक कई प्रकार के एनओसी से छूट दी गई है।
रोडशो में राज्य के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, जापान में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज और जापानी औद्योगिक समुदाय के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
Author: Deepak Mittal










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