Maharashtra में 2025 तक 41 बाघों की मौत, 8 हादसों में गए जान

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मुंबई: महाराष्ट्र में वर्ष 2025 के दौरान अब तक 41 बाघों की मौत दर्ज की गई है। यह जानकारी राज्य के वन मंत्री Ganesh Naik ने बुधवार को विधानसभा में दी।

विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि बाघों की मौत अलग-अलग कारणों से हुई है, जिनमें प्राकृतिक कारण, दुर्घटनाएं, करंट लगना और शिकार शामिल हैं।

मौत के कारणों का ब्यौरा

वन मंत्री के अनुसार:

  • 28 बाघों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई।

  • 8 बाघ हादसों का शिकार बने।

  • 4 बाघों की करंट लगने से मौत हुई।

  • 1 बाघ को शिकारियों ने मार डाला।

सवाल में सरकार से दुर्घटनाओं, करंट और शिकार से होने वाली मौतों को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी गई थी।

रेलवे हादसों पर नियंत्रण के लिए कदम

मंत्री नाइक ने बताया कि वन्यजीवों की मौत, विशेषकर रेलवे दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

  • जंगल क्षेत्रों से गुजरने वाली नई रेलवे लाइनों में अंडरपास और ओवरपास बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

  • वन क्षेत्रों से गुजरने वाली ट्रेनों की अधिकतम गति 40 किमी प्रति घंटा तय की गई है, ताकि वन्यजीवों से टकराव की घटनाएं कम हों।

शिकार रोकने के लिए निगरानी कड़ी

शिकार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए:

  • रेंज स्तर पर मुखबिर नियुक्त किए गए हैं।

  • संवेदनशील इलाकों में वायरलेस कम्युनिकेशन सिस्टम सक्रिय किए गए हैं।

  • संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं।

  • बाघ और तेंदुओं की गतिविधियों पर निगरानी के लिए हर दो सप्ताह में मॉनिटरिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है।

इसके अलावा, बाघों के कॉरिडोर, जलस्रोतों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। जहर देने की आशंका को देखते हुए पानी के स्रोतों की नियमित जांच भी की जा रही है।

विपक्ष ने उठाई अन्य मुद्दों पर सख्ती की मांग

इस बीच, विधानसभा में विपक्षी सदस्यों ने अवैध लिंग जांच और भ्रूण हत्या के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। साथ ही, ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए Maharashtra Control of Organised Crime Act (MCOCA) लागू करने की भी मांग की गई।

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Author: Deepak Mittal

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