बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित सरकंडा थाना में सोमवार सुबह एक बड़ी लापरवाही सामने आई। लूटकांड के आरोपियों की सुरक्षा में तैनात सशस्त्र आरक्षक की एसएलआर राइफल से अचानक गोली चल गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने संबंधित आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ड्यूटी के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी को हुए बहुचर्चित लूटकांड के आरोपियों को सरकंडा थाना में रखा गया था। उनकी सुरक्षा के लिए सशस्त्र बल की ड्यूटी लगाई गई थी। इसी क्रम में आरक्षक नवल तिवारी को सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह करीब 7 बजे ड्यूटी संभालते समय उन्होंने मुंशी से एसएलआर राइफल ली और ड्रिल प्रक्रिया शुरू की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उन्होंने मैग्जीन निकाले बिना ही राइफल हैंडलिंग की। ट्रिगर दबते ही अचानक गोली चल गई और तेज धमाके से थाना परिसर गूंज उठा।
पंखे को चीरती हुई छत में धंसी गोली
जांच में सामने आया कि राइफल की नोक ऊपर की ओर होने के कारण गोली छत की दिशा में गई। वह थाना में लगे पंखे की ब्लेड को चीरते हुए छत में जा धंसी। सौभाग्य से उस समय आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
SSP ने की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में लापरवाही स्पष्ट होने पर एसएसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक नवल तिवारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि हथियार ग्रहण करते समय मैग्जीन निकालना अनिवार्य प्रक्रिया है, जिसकी अनदेखी की गई।
पुलिस विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अतिरिक्त प्रशिक्षण और सख्त निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर हथियार संचालन में सतर्कता और अनुशासन की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
Author: Deepak Mittal










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