नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 की सराहना करते हुए कहा कि इस आयोजन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भारत की शानदार काबिलियत को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित किया है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि दिल्ली में हुए इस ऐतिहासिक AI समिट के दौरान पूरी दुनिया ने भारत की क्षमताओं की दिल से तारीफ़ की। उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी को लेकर देश के युवाओं की सोच पूरी मानवता के लिए लाभकारी साबित होगी।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में एक संस्कृत उद्धरण भी साझा किया, जिसमें ज्ञान की खोज के लिए प्रयोग और शोध की आवश्यकता पर बल दिया गया। उन्होंने कहा कि जानी-पहचानी बातों का विश्लेषण ही रिसर्च की शुरुआत है और अनुभव व अवलोकन से ही ज्ञान की पुष्टि होती है।
गौरतलब है कि भारत ने 16 से 20 फरवरी तक नई दिल्ली में AI इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी की। इस समिट में ह्यूमन-सेंट्रिक AI, वैश्विक सहयोग और ‘नई दिल्ली डिक्लेरेशन’ जैसे नैतिक ढांचों पर विशेष चर्चा हुई। सम्मेलन में वैश्विक नेता, नीति-निर्माता, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ, इनोवेटर्स और स्टार्टअप फाउंडर्स शामिल हुए।
अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के 131वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समिट देश की उपलब्धियों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का एक सशक्त मंच साबित हुआ। उन्होंने इसे AI के भविष्य और उसके जिम्मेदार उपयोग को लेकर वैश्विक दृष्टिकोण तय करने में एक महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट बताया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता इनोवेशन इकोसिस्टम और युवाओं का तकनीकी विज़न देश को AI पर वैश्विक विमर्श में एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए सक्षम बना रहा है। उन्होंने नई तकनीकों के विकास और उपयोग में शोध, प्रयोग तथा नैतिक जिम्मेदारी को अत्यंत आवश्यक बताया।
Author: Deepak Mittal









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