नई दिल्ली: जनकपुरी इलाके में हुए दर्दनाक हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश कुमार प्रजापति को रविवार को द्वारका कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी को घटना के एक दिन बाद हिरासत में लिया था और अदालत से तीन दिन की रिमांड की मांग की थी, हालांकि कोर्ट ने एक दिन की पुलिस कस्टडी मंजूर की।
पश्चिमी दिल्ली के डीसीपी शरद भास्कर के अनुसार, राजेश कुमार प्रजापति को हादसे की जानकारी उसी रात मिल गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसने पुलिस को सूचना नहीं दी। जांच में सामने आया है कि टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर एक चश्मदीद गवाह की पहचान की गई है। यह गवाह उस रात रोहिणी में एक रिश्तेदार की शादी से लौटते समय जनकपुरी इलाके से गुजर रहा था। अंधेरे के कारण उसे यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि कोई व्यक्ति गड्ढे में फंसा है या नहीं, लेकिन उसने पास में मौजूद एक गार्ड को घटना की जानकारी दी थी।
पुलिस के अनुसार, उस गार्ड ने सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति की लेबर को हादसे की सूचना दी थी। इसके बाद लेबर ने रात में ही त्रिनगर निवासी राजेश प्रजापति को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के कुछ समय बाद राजेश खुद भी मौके पर पहुंचा था। उसे यह जानकारी थी कि एक बाइक और एक युवक गड्ढे में गिर गया है, इसके बावजूद उसने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही किसी तरह की मदद की।
डीसीपी ने बताया कि घटना की जानकारी पुलिस को अगले दिन सुबह करीब 8 बजे पीसीआर कॉल के माध्यम से मिली। जांच में यह भी सामने आया है कि 25 वर्षीय बाइक सवार कमल ध्यानी की मौत उस गड्ढे में गिरने से हुई थी, जो क्षेत्र में चल रहे जल विभाग के प्रोजेक्ट के तहत खोदा गया था। आरोप है कि मुख्य सड़क पर खोदे गए इस गड्ढे को बिना किसी चेतावनी संकेत, रिफ्लेक्टर, बैरिकेड, रोशनी या सुरक्षा व्यवस्था के खुला छोड़ दिया गया था।
रात के समय घर लौटते वक्त कमल ध्यानी बाइक समेत गड्ढे में गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
Author: Deepak Mittal










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