स्वरूप बदलता शिवलिंग, रायपुर के बेलदार सिवनी में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Picture of Deepak Mittal

Deepak Mittal

खरोरा: रायपुर जिले के तिल्दा ब्लॉक अंतर्गत बेलदार सिवनी गांव में स्थित एक प्राचीन और अद्भुत शिवलिंग इन दिनों श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। खरोरा से करीब 5 किलोमीटर उत्तर–पूर्व दिशा में स्थित इस गांव में मौजूद शिवलिंग साल में तीन बार अपना स्वरूप बदलता है। स्थानीय लोग इस शिवलिंग को ‘धरतीफोड़ महादेव’ के नाम से भी जानते हैं।

करीब 5 हजार की आबादी वाले बेलदार सिवनी गांव का यह प्राचीन शिव मंदिर कितना पुराना है, इसका सही अनुमान गांव के बुजुर्ग भी नहीं लगा पा रहे हैं। बताया जाता है कि यह क्षेत्र कभी बेलदार राजा की राजधानी हुआ करता था। शिवलिंग की विशेषता यह है कि गर्मी के मौसम में प्रतिमा बीच से दो भागों में विभक्त हो जाती है, जिससे इसमें अर्धनारीश्वर स्वरूप (आधा शिव–आधा शक्ति) स्पष्ट दिखाई देता है। इस दौरान शिवलिंग की सतह खुरदुरी हो जाती है।

सावन के महीने में यह शिवलिंग पुनः अपनी पूर्ण आकृति में आ जाता है, जिसे श्रद्धालु ‘जड़ महादेव’ कहते हैं। वहीं, ठंड के मौसम में शिवलिंग का रंग गहरा काला हो जाता है और इसकी सतह चिकनी व तैलीय दिखाई देने लगती है। ग्रामीणों के अनुसार गर्मी में यह प्रतिमा अपना चोला छोड़ती प्रतीत होती है।

मंदिर परिसर के चारों ओर लगभग 1000 वर्गफीट में फैला एक पवित्र कुंड स्थित है, जिसे अब शिव कुंड का नाम दिया गया है। मान्यता है कि सावन के महीने में इस कुंड की गंदगी और दुर्गंध अपने आप समाप्त हो जाती है। कुंड के बीच लक्ष्मी–नारायण भगवान की प्रतिमा स्थापित है और चारों ओर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन होते हैं।

बेलदार सिवनी गांव अपनी पूर्ण शराबबंदी के लिए भी जाना जाता है। वर्षों पहले गांववासियों ने सामूहिक निर्णय लेकर शराब बेचने और पीने पर पूरी तरह रोक लगा दी थी, जिसकी परंपरा आज भी कायम है।

अब तक इस प्राचीन धरोहर की सुरक्षा और संरक्षण पर शासन या पुरातत्व विभाग का ध्यान नहीं गया है। ग्रामीण स्वयं समय-समय पर मंदिर का जीर्णोद्धार करते रहे हैं। हाल ही में गांव के पूर्व सरपंच एवं वर्तमान जनपद सदस्य मुकेश वर्मा के संकल्प से बाबा अर्धनारीश्वर मंदिर जीर्णोद्धार निर्माण समिति का गठन किया गया। समिति के अध्यक्ष थनवार वर्मा सहित कई सदस्यों के सहयोग से बीते 2–3 वर्षों में स्थानीय एवं क्षेत्रीय दानदाताओं के सहयोग से मंदिर का भव्य निर्माण कराया गया।

मंदिर परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों एवं अन्य देवी–देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन किया गया। 5 फरवरी को कलश यात्रा निकाली गई, 6 फरवरी को वेदी पूजन एवं आधिवास यज्ञ संपन्न हुआ, जबकि 7 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा, हवन–पूजन, पूर्णाहुति एवं विशाल भोग–भंडारे का आयोजन किया गया।

श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर स्थित कुंड में म्यूजिकल फाउंटेन लगाने की मांग शासन से की है, जिससे परिसर की भव्यता और बढ़ सके। मान्यता है कि धरतीफोड़ महादेव भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण करते हैं।

आयोजक समिति के संरक्षक एवं जनपद सदस्य शिवशंकर वर्मा ने बताया कि तीन दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा समारोह में विधायक अनुज शर्मा, पूर्व विधायक श्रीमती अनीता योगेंद्र शर्मा, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, तिल्दा जनपद अध्यक्ष टिकेश्वर मनहरे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया।
आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर यहां विशाल मेले और 14–15 फरवरी की रात सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

Deepak Mittal
Author: Deepak Mittal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

October 2026
S M T W T F S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *