आयुष्मान योजना को लेकर नई गाइडलाइन, हर अस्पताल में नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज

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लखनऊ: गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाते हैं, जिसके जरिए वे सालाना 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। इलाज से जुड़ा पूरा खर्च सरकार वहन करती है, जिसमें अस्पताल में भर्ती, ऑपरेशन, जांच और दवाइयां शामिल हैं।

हालांकि, योजना को लेकर कई लोगों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है। स्वास्थ्य विभाग की नई गाइडलाइन के अनुसार आयुष्मान कार्ड से हर अस्पताल में मुफ्त इलाज संभव नहीं है। इस योजना का लाभ केवल उन्हीं सरकारी और निजी अस्पतालों में मिलता है, जो PM-JAY के तहत पंजीकृत (Empanelled Hospitals) हैं। यदि कोई अस्पताल इस योजना से जुड़ा नहीं है, तो वहां आयुष्मान कार्ड मान्य नहीं होगा और मरीज को इलाज का पूरा खर्च खुद उठाना पड़ेगा।

क्या है आयुष्मान कार्ड का फायदा
आयुष्मान कार्ड धारक एक साल में अधिकतम 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं। इलाज की पूरी राशि सरकार द्वारा सीधे अस्पताल को दी जाती है, जिससे मरीज को जेब से कोई भुगतान नहीं करना पड़ता।

किन अस्पतालों में नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज
जो अस्पताल PM-JAY में पंजीकृत नहीं हैं, वहां आयुष्मान कार्ड के जरिए मुफ्त इलाज की सुविधा नहीं मिलेगी। इसलिए इलाज से पहले यह जांच करना जरूरी है कि अस्पताल योजना में शामिल है या नहीं।

कैसे पता करें अस्पताल पंजीकृत है या नहीं
सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराई है। लाभार्थी hem.nha.gov.in/search वेबसाइट पर जाकर पिन कोड या जिले का नाम दर्ज कर यह जानकारी हासिल कर सकते हैं कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से अस्पताल आयुष्मान योजना में पंजीकृत हैं।

आयुष्मान कार्ड कैसे बनवाएं
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए लाभार्थी pmjay.gov.in, आधिकारिक आयुष्मान ऐप या नजदीकी CSC सेंटर की मदद ले सकते हैं। खास बात यह है कि आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, यह सेवा पूरी तरह निःशुल्क है।

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Author: Deepak Mittal

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