भारत के खिलाफ वर्ल्ड कप मैच के बहिष्कार पर सस्पेंस, पीसीबी ने अब तक आईसीसी को नहीं दी आधिकारिक सूचना

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दिल्ली: पाकिस्तान सरकार की ओर से भारत के खिलाफ 15 फरवरी को खेले जाने वाले वर्ल्ड कप मुकाबले के बहिष्कार के ऐलान के बावजूद, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने इस फैसले की आधिकारिक जानकारी अब तक इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) को नहीं दी है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीसीबी जानबूझकर इस मुद्दे पर अपना रुख सार्वजनिक करने से बच रहा है।

टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि पीसीबी भारत के खिलाफ मैच के बहिष्कार के मुद्दे पर अपनी रणनीति को लेकर सस्पेंस बनाए रखना चाहता है और इसलिए आईसीसी को औपचारिक पत्र भेजने से फिलहाल परहेज कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, “यह फैसला पाकिस्तान सरकार का है और इसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म के जरिए पहले ही सार्वजनिक किया जा चुका है, ऐसे में आईसीसी को अलग से लिखने की जरूरत नहीं समझी गई।”

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने रविवार को लाहौर में पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी से मुलाकात से पहले बोर्ड के पूर्व प्रमुख नजम सेठी से भी चर्चा की थी। सूत्रों का कहना है कि नजम सेठी ने प्रधानमंत्री को भारत के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की सलाह दी थी। सेठी ने यह भी याद दिलाया कि उनकी चेयरमैनशिप के दौरान भारत 2016 में एक द्विपक्षीय समझौते से पीछे हट गया था।

गौरतलब है कि भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होनी है। पाकिस्तानी सरकार ने रविवार को टूर्नामेंट में टीम की भागीदारी को मंजूरी दे दी, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि पाकिस्तान की टीम भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाला मुकाबला नहीं खेलेगी।

आईसीसी को आधिकारिक रूप से फैसले की जानकारी न देना कई विश्लेषकों द्वारा मामले को दबाए रखने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पीसीबी, मैच के बहिष्कार से बचने के लिए आईसीसी की ओर से आपसी सहमति से समाधान निकालने की किसी भी कोशिश पर ध्यान नहीं देगा, क्योंकि यह फैसला सीधे तौर पर सरकार का है।

अगर भारत-पाकिस्तान का हाई-वोल्टेज मुकाबला नहीं होता है, तो इससे आईसीसी के आधिकारिक ब्रॉडकास्टर को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। ऐसी स्थिति में मामला कानूनी पचड़े में भी फंस सकता है। आईसीसी ने पीसीबी को संभावित गंभीर नतीजों को लेकर चेतावनी दी है और स्पष्ट किया है कि ‘चुनिंदा हिस्सेदारी’ स्वीकार नहीं की जाएगी। वहीं, टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान सरकार ने इस मुद्दे पर कानूनी सलाह ले ली है और आईसीसी के किसी भी संभावित फैसले के खिलाफ पीसीबी का साथ देने के लिए तैयार है।

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Author: Deepak Mittal

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