रायपुर: केंद्रीय बजट को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के बाद अब छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्रतिक्रिया सामने आई है। बघेल ने बजट को पूरी तरह निराशाजनक बताते हुए कहा कि इस बजट से देश के किसी भी वर्ग को कोई राहत नहीं मिली है और छत्तीसगढ़ को अडानी के लिए छोड़ दिया गया है।
मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय बजट का प्रतिगामी असर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में न तो कृषि, न उद्योग, न रोजगार और न ही मजदूरों के लिए कोई ठोस प्रावधान किया गया है। यही वजह है कि बजट के बाद शेयर बाजार समेत सब कुछ धराशायी हो गया।
उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास को भी इस बजट से कोई फायदा नहीं हुआ है। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया। “बजट में सिर्फ इतना दिखा कि शराब महंगी हो गई और मछली सस्ती हो गई,” तंज कसते हुए बघेल ने कहा कि शराब की दुकानें भी बढ़ा दी गई हैं, जिससे अवैध शराब का कारोबार और बढ़ेगा।
धान खरीदी को लेकर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन की सरकार धान खरीदी नहीं कर पाई। 31 जनवरी की समय-सीमा निकल गई, किसान सड़कों पर उतर आए। उन्होंने कहा, “भाजपा के नेता खुद अपना बचत धान नहीं बेच पाए, तो आम किसानों का क्या हाल होगा।”
भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि “मोदी की गारंटी थी कि 3100 रुपये प्रति क्विंटल में सभी का धान खरीदा जाएगा, लेकिन हकीकत यह है कि किसी का धान नहीं बिक पाया।” उन्होंने आरोप लगाया कि छोटे किसानों से समर्पण कराया गया, जबकि बड़े किसानों को टोकन तक नहीं मिला, जिससे प्रदेश में धान खरीदी की स्थिति बेहद खराब है।
Author: Deepak Mittal










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