नई दिल्ली: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इन नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियमों की भाषा अस्पष्ट है और इसके दुरुपयोग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी करते हुए एक समिति गठित करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
यूजीसी के नए इक्विटी नियमों को लेकर देशभर में विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका (PIL) में नियमों की धारा 3C को चुनौती दी गई है। याचिका में दावा किया गया है कि यह धारा जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देती है और संविधान के अनुच्छेद 14 और 19 का उल्लंघन करती है। साथ ही सामान्य वर्ग के छात्रों के अधिकारों के हनन की बात भी उठाई गई है।
‘नियमों की भाषा में स्पष्टता नहीं’
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस ज्योमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि प्रथम दृष्टया नियमों की भाषा स्पष्ट नहीं है, इसलिए इसकी गहन जांच जरूरी है। अदालत ने केंद्र सरकार से कहा कि रेगुलेशन को दोबारा तैयार किया जाए, तब तक इसके संचालन पर रोक रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल से जवाब दाखिल करने को कहा और एक कमेटी गठित करने का निर्देश दिया।
CJI ने टिप्पणी करते हुए कहा, “कृपया इस मामले की जांच के लिए कुछ प्रतिष्ठित व्यक्तियों की एक समिति गठित करने पर विचार करें, ताकि समाज बिना किसी भेदभाव के एक साथ विकास कर सके।”
न्यायमूर्ति बागची की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति ज्योमाल्या बागची ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारत अमेरिका जैसी स्थिति की ओर नहीं जाएगा, जहां कभी अश्वेत और श्वेत बच्चों के लिए अलग-अलग स्कूल हुआ करते थे। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस तरह की परिस्थितियों का दुरुपयोग किया जा सकता है। अदालत ने समानता के अधिकार के संदर्भ में नियमों की संवैधानिकता पर गौर करने की बात कही।
याचिकाकर्ता के वकील की दलील
याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ वकील विष्णु शंकर जैन ने दलील दी कि यूजीसी अधिसूचना की धारा 3C जाति आधारित भेदभाव को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि इस धारा में SC, ST और OBC का उल्लेख करते हुए जनरल कैटेगरी के छात्रों को पूरी तरह बाहर रखा गया है, जो अनुच्छेद 14 के खिलाफ है। जैन ने इसे समाज में विभाजन पैदा करने वाला प्रावधान बताया और इस पर रोक लगाने की मांग की।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के नए नियमों के अमल पर रोक लगाते हुए केंद्र से जवाब मांगा है और एक उच्चस्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया है। अब इस मामले पर अगली सुनवाई 19 मार्च को होगी।
Author: Deepak Mittal










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