वन मंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल की सख्ती से अपराधियों में हड़कंप
बालोद।जिले में वन अपराधों के खिलाफ वन विभाग की सख्त और लगातार कार्रवाई से अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। जिला वन मंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में वन मंडल बालोद द्वारा अवैध लकड़ी परिवहन, आरा मिलों में अवैध संग्रहण, वन्यप्राणी शिकार एवं पक्षी विक्रय जैसे मामलों पर लगातार बड़ी कार्रवाई की जा रही है।

वन माफियाओं पर वन विभाग का करारा प्रहार किया गया है
वन मंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि 28 जनवरी 2026 को वन परिक्षेत्र डौण्डीलोहारा अंतर्गत प्राप्त शिकायत के आधार पर साहू सा मिल चिल्हाटीकला के परिसर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान वाहन क्रमांक CG19-H-9654 में कहुआ, हल्दू, मुण्ढी, महुआ, तेन्दू सहित अन्य मिश्रित प्रजाति की लकड़ी अवैध रूप से भरी हुई पाई गई। परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर वाहन सहित लकड़ी जप्त कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।

इसके साथ ही आरा मिल परिसर में अवैध व्यापार एवं अवैध संग्रहण पाए जाने पर औजार भी जप्त कर नियमानुसार कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि 27 जनवरी 2026 को वन परिक्षेत्र डौण्डी में आमाडुला से डौण्डी मुख्य मार्ग पर गश्त के दौरान शाम करीब 7 बजे टाटा माजदा CG07-AY-2381 को रोका गया। वाहन चालक ओमप्रकाश, ग्राम बोरगहन द्वारा लगभग 04 चट्टा मिश्रित जलाऊ लकड़ी का अवैध परिवहन बिना किसी वैध कागजात के किया जा रहा था। वाहन एवं वन उपज को जप्त कर वन अपराध दर्ज किया गया।
इसी क्रम में 26 जनवरी 2026 को दल्लीराजहरा के गुप्ता चौक में वन्यप्राणी तोता विक्रय की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए वन अमले ने मौके पर दबिश दी। निरीक्षण में दो महिलाओं द्वारा अवैध रूप से तोते बेचते पाए जाने पर 09 नग तोता एवं 02 पिंजरे जप्त किए गए। मामले में वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत वन अपराध दर्ज किया गया।

इसके अतिरिक्त 25 जनवरी 2026 को वन परिक्षेत्र लोहारा अंतर्गत गश्त के दौरान ग्राम उरेटा से सिरपुर मार्ग पर एक व्यक्ति के पास से जंगली सुअर एवं जंगली बिल्ली का मांस बरामद किया गया। मांस जप्त कर आरोपी के खिलाफ वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया।

वन मंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जिले में वन अपराध के खिलाफ आगे भी इसी तरह कड़ी और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध लकड़ी परिवहन, वन्यप्राणी शिकार और अवैध व्यापार में शामिल लोगों के लिए अब कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।
वन विभाग की इस सख्त कार्रवाई से साफ संदेश है कि अवैध कार्य करने वाले सावधान हो जाएं, क्योंकि वन संपदा और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विभाग पूरी मुस्तैदी से मैदान में उतरा हुआ है।
Author: Deepak Mittal










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