महिला-नेतृत्व वाले विकास और ब्लू इकोनॉमी में भारत की बड़ी छलांग: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संसद में संबोधन

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नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र की शुरुआत के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 28 जनवरी को अपने संबोधन में देश की प्रगति और सरकार की नीतियों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक देश बन चुका है, जो ब्लू इकोनॉमी में देश की मजबूती को दर्शाता है। साथ ही दूध उत्पादन में भारत विश्व में अग्रणी है, जो सहकारी आंदोलन की सफलता का परिणाम है।

राष्ट्रपति ने कहा कि न्याय व्यवस्था की सफलता इस बात से मापी जाती है कि वह नागरिकों में सुरक्षा और भरोसे की भावना कितनी मजबूत करती है। उन्होंने बताया कि सरकार अविकसित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार प्रयासरत है। ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के लिए ‘विकसित भारत जी राम जी’ कानून लागू किया गया है, जिसमें गांवों में 125 दिनों के गारंटीड रोजगार का प्रावधान है।

राष्ट्रपति ने बताया कि भ्रष्टाचार और लीकेज रोकने के लिए सख्त कदम उठाए गए हैं, जिससे किसानों, पशुपालकों और मछुआरों को नए अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने सिंधु जल संधि के निलंबन को आतंकवाद के खिलाफ भारत की लड़ाई का हिस्सा बताया और मिशन सुदर्शन चक्र के जरिए रक्षा क्षमताओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।

महिला सशक्तीकरण पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सरकार महिला-नेतृत्व वाले विकास पर विशेष ध्यान दे रही है और जल्द ही 3 करोड़ महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है। इसके साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ विजन के तहत स्वदेशी उत्पाद वैश्विक बाजारों में अपनी पकड़ बना रहे हैं।

राष्ट्रपति ने एआई के दुरुपयोग से उत्पन्न खतरों पर चेतावनी देते हुए कहा कि डीपफेक, गलत सूचना और फर्जी कंटेंट लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव के लिए बड़ी चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण महिलाएं देश के हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। नेशनल डिफेंस एकेडमी से महिला कैडेट्स का पहला बैच पास आउट होना इस बात का सबूत है कि ‘नारी शक्ति’ देश के विकास की मुख्यधारा में है।

उन्होंने युवाओं के कौशल विकास पर भी प्रकाश डाला और बताया कि सरकार ने 60 हजार युवाओं को सेमीकंडक्टर के लिए ट्रेनिंग दी है, जबकि 10 लाख युवाओं को एआई के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

राष्ट्रपति ने दलित, पिछड़े, आदिवासी समुदायों के लिए सरकार की संवेदनशील नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2014 में जहां केवल 25 करोड़ नागरिक सोशल सिक्योरिटी स्कीम्स का लाभ पाते थे, वहीं अब लगभग 95 करोड़ लोगों को इसका फायदा मिल रहा है। मुद्रा योजना के तहत करीब 38 लाख करोड़ रुपए का फंड जारी किया गया है, जबकि पीएम स्वनिधि योजना से 72 लाख लोगों को 16 लाख करोड़ रुपए की सहायता मिली है।

उन्होंने बताया कि आज देश में करीब 2 लाख स्टार्टअप पंजीकृत हैं, जिनमें 20 लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं और इनमें लगभग 40 फीसदी स्टार्टअप में एक डायरेक्टर महिला है।

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Author: Deepak Mittal

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