आगरा: जलेसर मार्ग स्थित ट्रांसयमुना क्षेत्र के एसएन स्टे हाउस में शुक्रवार रात उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब कमरे में चल रही दारू पार्टी के दौरान दो गुटों में गैंगवार हो गया। अंधाधुंध फायरिंग में रंगबाज राज चौहान की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, जान बचाने के लिए राज चौहान गैलरी की ओर भागा था, जहां हमलावरों ने उसे गोलियों से भून दिया।
घटना रात करीब साढ़े दस बजे की बताई जा रही है। फायरिंग की सूचना मिलते ही डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को स्टे हाउस की गैलरी में युवक का शव मिला, जबकि आसपास कई खाली खोखे पड़े हुए थे। मृतक की पहचान गांव बेदई, सादाबाद (हाथरस) निवासी राज चौहान के रूप में हुई।
राज चौहान का नाम सामने आते ही पुलिस के जेहन में हाल ही में जिला जेल से रिहाई के बाद निकाले गए जुलूस का मामला भी ताजा हो गया। वह जानलेवा हमले के एक मामले में जमानत पर बाहर आया था। उसके भाई हर्ष चौहान ने सोशल मीडिया के जरिए भीड़ जुटाई थी, जिसके बाद सैकड़ों युवक बाइक और कारों से जुलूस के रूप में निकले थे। इस मामले में न्यू आगरा थाने में राज चौहान समेत 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एसएन स्टे हाउस के कमरे में दारू पार्टी चल रही थी, जिसमें कई युवक शामिल थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और देखते ही देखते फायरिंग शुरू हो गई। राज चौहान जान बचाकर गैलरी की ओर भागा, लेकिन हमलावरों ने वहीं उसकी हत्या कर दी।
पुलिस को शुरुआती छानबीन में यह भी पता चला है कि राज चौहान का यादव गैंग के युवकों से मनमुटाव चल रहा था। हालांकि अभी तक हत्या करने वालों के नाम उजागर नहीं किए गए हैं। पुलिस सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है और मौके पर पहुंचे मृतक के परिचितों से पूछताछ की जा रही है।
देर रात तक चली जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि राज चौहान ट्रांसयमुना इलाके में किराए पर रहता था। पुलिस का मानना है कि इस हत्याकांड में कम से कम छह युवक शामिल थे, जिन्हें वारदात के बाद हथियार लेकर भागते हुए देखा गया। फिलहाल पुलिस गैंगवार की आशंका के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
Author: Deepak Mittal










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